शनिवार, 25 अक्टूबर, 2014 | 02:45 | IST
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एक ही महिला की हर महीने डिलीवरी
नई दिल्ली, श्याम सुमन First Published:10-12-12 11:22 PM

एक महिला साल भर तक हर माह मां बनती है। यह जानकार आप चौंक गए न! सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के जज भी इसी तरह हैरान रह गए। मामला था उत्तर प्रदेश में एनआरएचएम घोटाले की सुनवाई का। सीबीआई की जांच रिपोर्ट देखने के बाद न्यायमूर्ति डी.के. जैन और मदन बी. लोकुर की पीठ ने कहा कि यह दहला देने वाली बात है कि बी कांप्लेक्स के कैप्सूल में हल्दी का पाउडर भरकर मरीजों को खिला दिया गया।

असली दवा उन ग्रामीणों तक पहुंचने ही नहीं दी गई जिनके लिए पूरी योजना बनाई गई थी। साथ ही सीबीआई को मामले की तेजी से जांच करने का निर्देश भी दिया। घोटालेबाजों ने एक ही महिला की हर महीने डिलीवरी करवा दी।
पीठ ने कहा, ‘इस मामले में खरीद के एक भी नियम का पालन नहीं हुआ। एक आदमी को आधा दजर्न से ज्यादा एंटीबायोटिक दवाएं लिखीं (मरीज को सिर्फ एक ही एंटीबायोटिक लिखी जा सकती है) और दवाएं हड़प गए। हम रिपोर्ट पढ़ने के बाद तय करेंगे कि क्या किया जा सकता है?’

उन्होंने मामले को 14 जनवरी तक स्थगित कर दिया। सीबीआई की ओर से अतिरक्ति सॉलिसिटर जरनल सिद्धार्थ लूथरा ने बताया कि केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप शुक्ला के खिलाफ दो मुकदमों की अनुमति दी है। लेकिन यूपी सरकार ने सरकारी डॉक्टरों सहित 15 आरोपी अधिकारियों के खिलाफ अब तक कुछ नहीं किया है।

इस पर कोर्ट ने कहा कि फिलहाल हम यूपी सरकार को कोई निर्देश नहीं देंगे। हम देखना चाहते हैं कि वह कुछ करती है या नहीं।

 
 
 
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