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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता First Published:10-12-12 11:20 PM

समाजवादी पार्टी के विरोध के कारण अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कार्मियों के लिए प्रोन्नति में आरक्षण संबंधी विधेयक को सरकार राज्यसभा में पेश नहीं कर पाई। कार्मिक राज्यमंत्री नारायणसामी ने इस पर चर्चा शुरू कराने की कोशिश की लेकिन सपा के जोरदार विरोध के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

विधेयक पर चर्चा शुरू नहीं हो पाने से बेहद खफा बसपा ने भाजपा पर सपा से मिलीभगत का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि वह हर हाल में विधेयक को पारित कराना चाहती है। दो-तीन दिन देखेंगे उसके बाद सख्त रुख अपनाएंगे। पार्टी किसी भी हद तक जा सकती है।

भोजनावकाश के बाद नारायणसामी ने ज्यों ही विधेयक के बारे में बताना शुरू किया, सपा ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। बाद में मायावती ने कहा कि भाजपा ने इस विधेयक को लटकाने के लिए वालमार्ट का मुद्दा उठाया। यदि भाजपा वालमार्ट पर वाकई गंभीर थी तो उसने लोकसभा में यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया।

पिछले सत्र में उसने कोयला घोटाले पर संसद नहीं चलने दी। इस सत्र में उसने कोयला का नाम नहीं लिया क्योंकि उसके नेता इसमें फंसे हैं। मायावती ने सरकार को सलाह दी कि विधानसभाओं की तरह ही सरकार को चाहिए कि मार्शल की मदद से हंगामा करने वालों को बाहर करें। बहरहाल, मंगलवार को फिर सरकार विधेयक पेश करने की कोशिश करेगी।

 
 
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