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‘आम आदमी’ के साथ नहीं हैं अन्ना हजारे
नई दिल्ली, एजेंसियां First Published:07-12-12 01:51 PM
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बोले- अरविंद केजरीवाल सत्ता के लालची हो गए हैं, अब मैं उनकी पार्टी को वोट नहीं दे सकता
महज पांच दिन पहले तक अरविंद केजरीवाल की पार्टी को समर्थन देने की बात करने वाले अन्ना अब उबल पड़े हैं। अन्ना ने गुरुवार को साफ कहा कि अरविंद सत्ता के लालची हो गए हैं और अब मैं उनकी ‘आम आदमी पार्टी’ को वोट नहीं दे सकता।

एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में हजारे ने आरोप लगाया कि अरविंद की पार्टी भी दूसरी पार्टियों की तरह धन के जरिए सत्ता के रास्ते पर जा रही है। केजरीवाल की नीयत पर संदेह जाहिर करते हुए हजारे ने कहा, पहले मैं सोचा करता था कि अरविंद निस्वार्थ सेवा में हैं। लेकिन केजरीवाल की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण ही रिश्तों में दरार आई। हजारे ने कहा, व्यवस्था परिवर्तन के लिए स्वतंत्रता के बाद पहली बार आंदोलन चल रहा था। पर उस समय मुझे नहीं पता कि उनके दिमाग में पार्टी बनाने का विचार कैसे आया। अन्ना ने कहा, अगर केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं तो उसके खिलाफ भी आंदोलन करूंगा।

अन्ना के बदले सुर
06 मार्च 2012 (दिल्ली)

मैंने सोचा था कि मैं आम आदमी पार्टी के लिए मतदान करुंगा पर अब ऐसा करना मुश्किल है।

01 दिसंबर 2012 (भुवनेश्वर)
सिर्फ उन्हीं उम्मीदवारों का प्रचार करुंगा जिन्हें केजरीवाल खड़ा करेंगे।

क्या बोले थे अरविंद
30 सितंबर 2012
पार्टी बनाने का फैसला मेरा नहीं बल्कि अन्ना का ही था। लेकिन बाद में अपने फैसले से वह खुद पीछे हट गए। मैं धर्म संकट में फंस गया हूं। एक तरफ मेरा देश है दूसरी तरफ अन्ना, मैँ किसे चुनूं?

 
 
 
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