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पांच पैसे प्रतिदिन से ज्यादा लेट फीस लेना गैरकानूनी
नई दिल्ली, प्रभात कुमार First Published:07-12-12 01:33 PM

फीस जमा करने में देरी पर राजधानी के निजी स्कूल छात्रों से प्रतिदिन पांच पैसे से अधिक जुर्माना वसूल नहीं कर सकते हैं। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर नियमों का हवाला देते हुए यह बात कही है।

जस्टिस जी.एस. सिस्तानी की अदालत में दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम-1973 का नियम-166 सभी गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होता है। इसके तहत फीस में देरी पर प्रतिदिन पांच पैसे से अधिक जुर्माना वसूलना गैरकानूनी है। 

दरअसल, रामजस स्कूल के एक छात्र के पिता राकेश यादव ने लेट फीस के नाम पर दस रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 800 रुपये जुर्माना वसूलने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए वसूले गए पैसे को वापस कराने का आग्रह किया था।

इस पर कोर्ट ने पिछले आदेश के अनुरूप तर्कसंगत फैसला नहीं करने के लिए उपशिक्षा निदेशक के.एस. यादव की खिंचाई की और निदेशालय पर दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। साथ ही कोर्ट ने इस मामले में निदेशालय को एक महीने के भीतर तर्कसंगत आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।

ऐसे कटती है जेब
आम तौर पर स्कूलों में फीस जमा करने की अंतिम तिथि 10 होती है
इसके बाद शुरू में दस रुपये और फिर दिनों के हिसाब से जुर्माना है
 
 
 
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