सोमवार, 06 जुलाई, 2015 | 10:36 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    आयुध फैक्टरियों में 67 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू दिल्ली: सवा सौ साल पुराना जर्जर पुल अब बनेगा ऐतिहासिक विरासत खुशखबरी: वेस्ट यूपी में 500 जगहों को वाईफाई करेगा बीएसएनएल यूपी: चलती गाड़ी में छात्रा के साथ रेप के बाद रेलवे स्टेशन पर फेंका पहले दिया संवेदनहीन बयान, अब पत्रकार अक्षय के घर जाएंगे कैलाश विजयवर्गीय पत्रकार अक्षय के विसरा जांच एम्स में होगी, परिवार की मांग मंजूर अक्षय की मौत स्वाभाविक नहीं, व्यापमं गिरोह ने की हत्या: भूरिया पाकिस्तान ने किया संघर्षविराम का उल्लंघन, बीएसएफ जवान शहीद लालू की हैसियत महुआ रैली में उजागर, नीतीश को पक्का मारेंगे लंगड़ीः पासवान एयरइंडिया के यात्री ने की खाने में मक्खी की शिकायत
गांव देखा तक नहीं, पर गरीबों के लिए बना रहे योजना
नई दिल्ली, हरिकिशन शर्मा First Published:02-12-12 11:24 PM

महात्मा गांधी ने कहा था कि असली भारत गांव में बसता है, लेकिन लगता है कि गांधी दर्शन में शायद योजना आयोग का भरोसा नहीं है। आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया व उनके साथी सदस्यों को गांव की यात्राओं से किस कदर परहेज है इसका खुलासा आरटीआई के एक जवाब में हुआ है।

आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक आयोग को नहीं पता कि अहलूवालिया तथा कई सदस्यों ने बीते तीन साल में कब और किस गांव का दौरा किया और उनके इस दौरे का क्या मकसद था। हिन्दुस्तान ने ‘सूचना का अधिकार’ कानून के तहत आयोग उपाध्यक्ष व सदस्यों द्वारा मई 2009 से अक्तूबर 2012 के  बीच गांवों के दौरे की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में अहलूवालिया के कार्यालय ने कहा कि उनके पास इसका ब्योरा नहीं है कि अहलूवालिया ने कब-किस गांव का दौरा किया है।

इसी तरह का जवाब सदस्य सौमित्र चौधरी के कार्यालय ने दिया है। एक अन्य सदस्य अरुण मैरा के कार्यालय ने तो स्पष्ट कह दिया कि मैरा शहरी और उद्योग मामलों संबंधी कामकाज देखते हैं, इसलिए गांवों की यात्रा की आधिकारिक यात्रा का प्रश्न नहीं उठता।

दलित तथा सामाजिक मामले देखने वाले सदस्य नरेंद्र जाधव के कार्यालय ने 18 घरेलू दौरों का जिक्र किया है, लेकिन इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने किस गांव का दौरा किया। जब इस बारे में उनकी प्रतिक्रिया मांगी तो वह भड़क गए। आयोग के अन्य सदस्यों, बीके चतुर्वेदी, मिहिर शाह और के. कस्तूरीरंगन के कार्यालय से इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है। खास बात यह है कि शाह ही आयोग में ग्रामीण विकास संबंधी नीतियां बनाते हैं।

आयोग में महिला सदस्य सैदा हमीद ने मई 2009 से अब तक 92 यात्राओं का ब्योरा दिया है। हालांकि, यहां भी स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने किस गांव का दौरा किस मकसद से किया है।

 

 
 
 
|
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड