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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता First Published:29-11-12 11:36 PM

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। इनमें थाना प्रभारियों से एक्ट की धारा 66 ए के तहत मुकदमा दर्ज करने की शक्ति वापस ले ली गई है।

नए प्रावधानों के तहत अब आईटी एक्ट की धारा 66ए में मुकदमा दर्ज करने के लिए कम से कम पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर के अधिकारी की मंजूरी लेनी होगी। वहीं महानगरों के लिए ये नियम और कड़े बनाए गए हैं। वहां किसी पर मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रैंक के अफसर की अनुमति लेनी पड़ेगी।
हाल में मुंबई में दो लड़कियों के खिलाफ फेसबुक अपने विचार देने के बाद मुकदमा दर्ज होने के बाद केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इसलिए अगले कुछ दिनों में सूचना प्रौद्यौगिकी एवं संचार मंत्रलय राज्यों को धारा 66ए के इस्तेमाल के बाबत दिशा-निर्देश जारी करेगा।

आईटी मंत्री कपिल सिब्बल ने उच्च स्तरीय बैठक में मोटे तौर पर 66 ए के तहत मुकदमे दर्ज करने के नियमों को कड़ा करने का फैसला लिया। बैठक में तय किया गया कि इसके लिए एक गाइडलाइन जारी की जाएगी जिसे सभी राज्य सरकारों को जल्द भेजा जाएगा। हालांकि कानून विशेषज्ञों का एक वर्ग आईटी एक्ट में संशोधन की मांग कर रहा है। लेकिन मंत्रलय का मानना है कि संसद में संशोधन प्रस्ताव लाने में समय लग जाएगा इसलिए दिशा-निर्देश जारी कर इस समस्या का समाधान निकाला जा रहा है।

 

 
 
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