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सपा के साथ पर संशय में सरकार
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता First Published:29-11-12 11:35 PM

रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर संसद में बहस के लिए तैयार होने के बाद सरकार को अब अपने सहयोगियों और बाहर से समर्थन दे रहे दलों का समर्थन जुटाने के लिए जूझना पड़ रहा है। सपा ने इस मसले पर सरकार के खिलाफ वोट करने का विकल्प खुला होने की बात कहकर सरकार को संशय में डाल दिया है। 

अभी तक सपा इस मुद्दे पर मतविभाजन की स्थिति में सरकार को परोक्ष या प्रत्यक्ष समर्थन के संकेत दे रही थी। पर गुरुवार को सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि उनकी पार्टी एफडीआई के खिलाफ वोट करेगी। लोकसभा में इस मसले पर वोट की स्थिति में सरकार बहुमत को लेकर आश्वस्त है, लेकिन राज्यसभा में उसके लिए बहुमत जुटाना आसान नहीं है। इस स्थिति को ध्यान में रखकर सरकार के रणनीतिकार राज्यसभा में नियम 167 के तहत केवल बहस पर जोर दे रहे थे।

सरकार में सूत्रों ने हालांकि दावा किया कि रणनीतिकारों की कोशिश अभी भी यही है कि वोटिंग की नौबत न आए। लोकसभा में सदन की कार्यवाही गुरुवार को सामान्य रही। विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने यकीन दिलाया कि वे सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे। लोकसभा में अब मंगलवार और बुधवार को एफडीआई पर चर्चा होगी।

 

 
 
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