मनमोहन ने उत्तराखंड को 1000 करोड़ देने का किया ऐलान बिग बॉस: सिख भावनाओं के अपमान मामले में फैसला नहीं मोदी तानाशाह हैं और राजनाथ चालाक: सुधीन्द्र कुलकर्णी ममता ने माकपा पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया दिल्ली सरकार को अफजल की फांसी की सूचना थी: केंद्र गंगा को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किये जाने की मांग उठी नीतीश ने हासिल किया विश्वास मत, कांग्रेस ने दिया साथ
नीतीश ने हासिल किया विश्वास मत, कांग्रेस ने दिया साथ
राजा भैया का होगा पॉलीग्राफ परीक्षण, अदालत की इजाजत राजा भैया का होगा पॉलीग्राफ परीक्षण, अदालत की इजाजत
पांच कंपनियों के कोयला ब्लॉक होंगे रद्द
नई दिल्ली, शिशिर गुप्ता
First Published:11-09-12 10:54 PM
कोयला ब्लॉक पाने वाली पांच कंपनियों पर अब आवंटन रद्द होने की तलवार लटक रही है। कोयला मंत्रलय ने कानून मंत्रालय से सलाह मांगी है कि क्या इन कंपनियों को आवंटित ब्लॉक को रद्द करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाए या फिर इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार किया जाए।
सीबीआई ने चार सितंबर को पांच कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इनमें से किसी भी कंपनी ने न तो अभी तक कोयला ब्लॉक पर कब्जा किया है, न ही कोयला निकालने की प्रक्रिया शुरू की है। इन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर प्रथम दृष्टया आरोपों के आधार पर दर्ज की गई है। कोयला मंत्रालय चाहता है कि इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले कानूनी पक्ष पूरी तरह मजबूत हो।
कोयला मंत्रलय ने कानून मंत्रलय को सभी पांच एफआईआर की प्रतियां भी भेजी हैं जिससे कंपनियों के खिलाफ लगे आरोपों का अध्ययन किया जा सके। साथ ही मंत्रलय ने इस मामले में कानूनी राय जाननी चाही है कि क्या इन कंपनियों के खिलाफ अंतर मंत्रलयीय समूह कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता है।
बदलेगी आवंटन प्रक्रिया
कोयला ब्लॉक आवंटन की प्रक्रिया में भविष्य में बदलाव के लिए कोयला मंत्रलय ने सेंट्रल विजिलेंस कमीशन को पत्र लिख कर दिशा निर्देश मांगे हैं। साथ ही मंत्रलय चाहता है कि इसमें राज्य सरकारों को जिम्मेवार बनाया जाए। कोयला सचिव संजय श्रीवास्तव ने सीवीसी प्रदीप कुमार को खत लिखा है।
इन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर
जेएलडी यवतमाल एनर्जी लिमिटेड (फतेहपुर ईस्ट कोयला ब्लॉक, छत्तीसगढ़), एएमआर आयरन एंड स्टील प्रा. लिमिटेड ( बांडेल कोयला ब्लॉक, महाराष्ट्र) नवभारत प्रा. लिमिटेड( रामपुरिया ब्लॉक, ओडिशा), जास इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लिमिटेड ( महागढ़ी ब्लॉक, झारखंड) और विनी आयरन एंड स्टील उद्योग (राजहारा नार्थ ब्लॉक, झारखंड)
कोयला ब्लॉक आवंटन की प्रक्रिया में भविष्य में बदलाव के लिए कोयला मंत्रलय ने सेंट्रल विजिलेंस कमीशन को पत्र लिख कर दिशा निर्देश मांगे हैं। साथ ही मंत्रलय चाहता है कि इसमें राज्य सरकारों को जिम्मेवार बनाया जाए। कोयला सचिव संजय श्रीवास्तव ने सीवीसी प्रदीप कुमार को खत लिखा है।
इन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर
जेएलडी यवतमाल एनर्जी लिमिटेड (फतेहपुर ईस्ट कोयला ब्लॉक, छत्तीसगढ़), एएमआर आयरन एंड स्टील प्रा. लिमिटेड ( बांडेल कोयला ब्लॉक, महाराष्ट्र) नवभारत प्रा. लिमिटेड( रामपुरिया ब्लॉक, ओडिशा), जास इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लिमिटेड ( महागढ़ी ब्लॉक, झारखंड) और विनी आयरन एंड स्टील उद्योग (राजहारा नार्थ ब्लॉक, झारखंड)
00

अन्य खबरें
टिप्पणियाँ
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल
