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विकास तेज, पर घट रही हैं बेटियां
नई दिल्ली, मदन जैड़ा
First Published:10-06-12 11:23 PM
भले ही दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में तेजी से विकास हुआ हो लेकिन बेटियों की संख्या तेजी से घटी है। जनसंख्या महकमे के हाल में जारी जिला स्तर के आंकड़ों को देखें तो उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ और आगरा जिलों लिंगानुपात की स्थिति बेहद खराब है।
गाजियाबाद और मेरठ में एक हजार लड़कों पर सिर्फ 850 लड़कियां हैं। जबकि गौतम बुद्ध नगर में 845, बागपत में 837, और बुलंदशहर में 844 लड़कियां रह गई हैं। आगरा जिले में एक हजार लड़कों पर सबसे कम 835 लड़कियां रह गई हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां शहरीकरण भी बढ़ा है, वहां लिंग अनुपात सबसे ज्यादा बिगड़ा है। जाहिर है कि जहां चिकित्सा सुविधाएं बढ़ी हैं, वहां भ्रूण हत्या बढ़ रही है। राज्य का कोई भी जिला ऐसा नहीं है, जहां एक हजार लड़कों पर एक हजार लड़कियां हों। सूबे में सबसे अच्छा अनुपात चंदौली जिले का है, जहां एक हजार लड़कों पर 976 लड़कियां हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य में एक हजार लड़कों पर सिर्फ 899 लड़कियां रह गई हैं, जबकि राज्य में 32 जिले ऐसे हैं, जहां यह अनुपात 899 से भी नीचे चला गया है।
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