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अंबेडकर के पुराने कार्टून पर नया पंगा
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता
First Published:11-05-12 11:46 PM
संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के कार्टून पर संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार को हुए जोरदार हंगामे के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को माफी मांगनी पड़ी।
वहीं कार्टून विवाद के बाद एनसीईआरटी के एडवाइजरी बोर्ड से समाजवादी चिंतक योगेंद्र यादव और शिक्षाविद सुहास पालसीकर ने इस्तीफा दे दिया है। सिब्बल ने संसद में बताया कि मामले की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है। दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एनसीईआरटी की किताब में छपे डॉ. अंबेडकर के कार्टून को लेकर संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार को कई घंटे हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। दोपहर बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सिब्बल ने कहा कि ये मामला अप्रैल में उनके संज्ञान में आया था।
उन्होंने उसी वक्त एनसीईआरटी को पत्र लिखकर सफाई मांगी थी। सिब्बल ने कहा कि हमारी कोशिश रहती है पाठ्यपुस्तकों में विवादास्पद सामग्री न छपे। यदि कोई इससे आहत हुआ है तो वे माफी मांगते हैं। लोकसभा में भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस समेत सभी दलों के सदस्यों ने काटरून पर आपत्ति जताई। स्पीकर मीरा कुमार और सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने भी नाराज सांसदों को समझाने की कोशिश की लेकिन हंगामा कम नहीं हुआ। हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। मायावती समेत कई दलों के नेताओं ने ये मुद्दा उठाया। समाजवादी चिंतक योगेंद्र यादव ने कहा कि वे बाबा साहेब का पूरा सम्मान करते हैं लेकिन एकेडमिक मुद्दे पर जिस तरह सांसदों ने बहस की है उसको लेकर वे आहत हैं इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं।
उन्होंने उसी वक्त एनसीईआरटी को पत्र लिखकर सफाई मांगी थी। सिब्बल ने कहा कि हमारी कोशिश रहती है पाठ्यपुस्तकों में विवादास्पद सामग्री न छपे। यदि कोई इससे आहत हुआ है तो वे माफी मांगते हैं। लोकसभा में भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस समेत सभी दलों के सदस्यों ने काटरून पर आपत्ति जताई। स्पीकर मीरा कुमार और सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने भी नाराज सांसदों को समझाने की कोशिश की लेकिन हंगामा कम नहीं हुआ। हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। मायावती समेत कई दलों के नेताओं ने ये मुद्दा उठाया। समाजवादी चिंतक योगेंद्र यादव ने कहा कि वे बाबा साहेब का पूरा सम्मान करते हैं लेकिन एकेडमिक मुद्दे पर जिस तरह सांसदों ने बहस की है उसको लेकर वे आहत हैं इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं।
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टिप्पणियाँ
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बाबा रामदेव ने ठीक ही कहा था की संसद में गंवार और जाहिल लोग बैठे विरोध करने वाले गंवारो ने पुस्तक में छपे कार्टून को न तो देखा होगा और न ही पढ़ा
By Navin (14th-May-2012 07:55:AM)
यह तो कुछ उस से भी बदतर जिसमें मोहम्मद साहिब के कार्टून यूरोप में छपे थे!!
By appu (12th-May-2012 08:16:AM)
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