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मां-बाप पर केस की तलवार
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता
First Published:07-01-12 12:39 AM
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के डेंटिस्ट तलवार दंपति पर बेटी और नौकर की हत्या के मामले में मुकदमा चलाने को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने शुक्रवार को दंपति की याचिका खारिज कर दी जिसमें विशेष सीबीआई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। निचली कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज करते हुए दंपति के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था।
जस्टिस ए. के गांगुली तथा जे. एस. खेहर की खंडपीठ ने यह आदेश देते हुए कहा कि दंपति पर सीबीआई मजिस्ट्रेट द्वारा हत्या का मुकदमा चलाने का फैसला विवेक का इस्तेमाल करने के बाद लिया गया है, जिसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। पीठ ने विशेष कोर्ट में सुनवाई पर लगी रोक भी हटा दी। अंतिम रिपोर्ट में किसी को नामित न करने वाली सीबीआई ने कोर्ट में दावा किया कि हत्या करने वाले तलवार दंपति ही हैं। घटनास्थल की परिस्थितियों के मद्देनजर बाहरी व्यक्ति के लिए हत्या को अंजाम देना संभव नहीं था।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल हरेन पी. रावल ने दो ऐसे तथ्यों का भी जिक्र किया जो तलवार दंपति की ओर इशारा करते हैं। वहीं, तलवार दंपति के वकीलों का तर्क था कि सीबीआई ने उनका नार्को तथा लाई डिटेक्शन टेस्ट करवाया था जिसकी रिपोर्ट नकारात्मक थी, लेकिन इसे मजिस्ट्रेट के सामने नहीं रखा। मगर कोर्ट ने यह तर्क खारिज कर दिया। 14 वर्षीय आरुषि 15 मई, 2008 की रात नोएडा के जलवायु विहार स्थित घर में मृत मिली और अगले दिन नौकर हेमराज का शव छत पर मिला था। गाजियाबाद विशेष कोर्ट में दाखिल क्लोजर रिपोर्ट में सीबीआई ने दंपति के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलने की बात कही थी।
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