रविवार, 26 अक्टूबर, 2014 | 05:04 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    राजनाथ सोमवार को मुंबई में कर सकते हैं शिवसेना से वार्ता नरेंद्र मोदी ने सफाई और स्वच्छता पर दिया जोर मुंबई में मोदी से उद्धव के मिलने का कार्यक्रम नहीं था: शिवसेना  कांग्रेस ने विवादित लेख पर भाजपा की आलोचना की केन्द्र ने 80 हजार करोड़ की रक्षा परियोजनाओं को दी मंजूरी  कांग्रेस नेता शशि थरूर शामिल हुए स्वच्छता अभियान में हेलमेट के बगैर स्कूटर चला कर विवाद में आए गडकरी  नस्ली घटनाओं पर राज्यों को सलाह देगा गृह मंत्रालय: रिजिजू अश्विका कपूर को फिल्मों के लिए ग्रीन ऑस्कर अवार्ड जम्मू-कश्मीर और झारखंड में पांच चरणों में मतदान की घोषणा
सुप्रीम कोर्ट का तमिलनाडु को पानी देने का निर्देश
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:05-12-12 06:43 PM
Image Loading

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को तमिलनाडु को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए कर्नाटक को आदेश दिया कि वह कावेरी नदी से रोजाना दस हजार क्यूसेक जल पड़ोसी राज्य को मुहैया कराए। न्यायालय ने कावेरी निगरानी समिति को तत्काल बैठक करके दोनों राज्यों के लिए जल की मात्रा का निर्धारण करने का भी निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति डीके जैन और न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की पीठ ने कहा कि कावेरी निगरानी समिति की रिपोर्ट दाखिल होने तक यह अंतरिम आदेश जारी रहेगा। न्यायाधीशों ने निगरानी समिति से कहा है कि वह आज या कल अपनी बैठक करे। इस मामले में न्यायालय अब सोमवार को आगे विचार करेगा।

कोर्ट ने कहा कि कावेरी निगरानी समिति से छह या सात दिसंबर को बैठक आयोजित करके तमिलनाडु और कर्नाटक में फसलों के लिए दिसंबर महीने के लिए पानी की आवश्यकता का निर्धारण करने का अनुरोध किया जाता है। समिति अपनी रिपोर्ट संबंधित प्राधिकारी को सौंपेंगी। कोर्ट ने कहा कि इस बीच, कावेरी निगरानी समिति की रिपोर्ट आने तक हम निर्देश देते हैं कि कर्नाटक आज से रोजाना दस हजार क्यूसेक जल तमिलनाडु को मुहैया करायेगा। हम स्पष्ट करते हैं कि यह आदेश कावेरी निगरानी समिति की रिपोर्ट पेश होने तक जारी रहेगा।

न्यायाधीशों ने कहा कि उनका तात्कालिक सरोकार फसलों को बचाने से है जो कथित रूप से पानी के अभाव में वह मर रही हैं और अन्य मुद्दों पर बाद में फैसला होगा। न्यायाधीशों ने कहा कि दोनों राज्य विपदा में हैं और हमें यह देखना है कि हम दोनों राज्यों की फसलों को कैसे बचा सकते हैं। हम दोनों राज्यों की जरूरतों के प्रति जागरूक रहते हुए इस समस्या का व्यावहारिक समाधान खोजेंगे।
 
 
 
टिप्पणियाँ