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अगरतला बनेगा देश का 'हरित शहर'
अगरतला, एजेंसी First Published:26-12-12 06:21 PM

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला को दो साल के भीतर हरित शहर में बदलने की योजना अमल में लाई जा रही है। इसके लिए पेट्रोल या डीजल पर दौड़ने वाली हजारों गाडिम्यों को सीएनजी में बदला जाएगा और शहर में खाना पकाने के लिए पाइप से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी।

त्रिपुरा औद्योगिक विकास निगम (टीआईडीसी) के चेयरमैन पबित्र कार ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि वाहनों के लिए परमिट जारी करते समय हम सीएनजी पर चलने वाली गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सीएनजी न केवल सस्ता है, बल्कि यह पर्यावरण अनुकूल भी है। हमारा लक्ष्य राजधानी अगरतला को हरित शहर (ग्रीन सिटी) में बदलना है।

करीब 400,000 आबादी वाले अगरतला में 200,000 के आसपास विभिन्न वाहन हैं। अगले दो सालों में 100,000 से ज्यादा वाहनों को सीएनजी में बदलने की कोशिश की जा रही है।

कार ने कहा कि करीब 4,500 ऑटो-रिक्शा और 1000 अन्य प्राकार के वाहनों को सीएनजी में बदल दिया गया है। गेल का संयुक्त उपक्रम त्रिपुरा प्राकृतिक गैस कंपनी लिमिटेड (टीएनजीसीएल) और त्रिपुरा एवं असम की सरकारें त्रिपुरा में 10,000 घरों को पीएनजी की आपूर्ति कर रही हैं।

कार ने कहा कि अगले चार महीनों में और 10,000 घरों को पीएनजी कनेक्शन मुहैया कराया जाएगा। अगरतला में तीन सीएनजी स्टेशन बनाए गए हैं और दो स्टेशन त्रिपुरा के दूसरे हिस्से में खोले जाएंगे।

अगरतला और इसके बाहरी इलाके में स्थित 225 व्यावसायिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी पीएनजी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और शवदाह गृहों को भी पीएनजी की आपूर्ति की जा रही है। कार ने बताया कि धीरे-धीरे अगरतला के सभी घरों को पीएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित करा दी जाएगी।

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अनुभवी ठेकेदारों और उपकरणों की कमी पीएनजी के विस्तार में गति अवरोधक साबित हो रही है।

कार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्टों ने प्रदेश की राजधानियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सीएनजी से चलने वाले वाहनों को प्राथमिकता देने के लिए बाध्य किया है, लेकिन त्रिपुरा ने यह कदम अपने आप ही उठाया है।

 
 
 
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