शुक्रवार, 22 अगस्त, 2014 | 07:29 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    माफी मांगे, वरना मोदी के मंत्रियों को घुसने नहीं देंगेः झामुमो माफी मांगे, वरना मोदी के मंत्रियों को घुसने नहीं देंगेः झामुमो माफी मांगे, वरना मोदी के मंत्रियों को घुसने नहीं देंगेः झामुमो अरब में अस्थिरता का असर साफ झलकता है: सुषमा राज्यपाल मामले में कोर्ट ने केन्द्र को भेजा नोटिस पाक में कोर्ट का प्रदर्शनकारियों को हटाने के आदेश से इनकार मोदी का कार्यक्रम: चव्हाण के नहीं जाने को कांग्रेस की हां शर्मिला की रक्षा के लिए तैयार है मणिपुर सरकार: मंत्री  स्वास्थ्य मंत्री ने चतुर्वेदी की बर्खास्तगी को सही कहा तेलंगाना की शक्तियों का कोई अतिक्रमण नहीं: राजनाथ
 
प्रणब मुखर्जी को चुनौती देने वाली संगमा की याचिका खारिज
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:05-12-12 12:26 PM
Last Updated:05-12-12 12:45 PM
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को बहुमत से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा की वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति पद पर चयन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।
    
मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने दो के मुकाबले तीन से फैसला दिया कि संगमा की याचिका नियमित सुनवाई के योग्य नहीं है। मुख्य न्यायाधीश ने अपनी और न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और एस एस निझ्झर की ओर से फैसला सुनाते हुए कहा, चुनाव याचिका विचारयोग्य नहीं है। यह खारिज की जाती है।
   
भिन्न मत रखने वाले अन्य दो न्यायाधीशों ने अपना निर्णय अलग से सुनाते हुए राय दी कि यह सुनवाई योग्य है। न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर ने अपनी और न्यायमूर्ति राजन गोगोई की ओर से फैसला सुनाते हुए कहा कि चूंकि यह आरोप लगाया गया था कि मुखर्जी भारतीय सांख्यिकी संस्थान के अध्यक्ष के रूप में लाभ के पद पर थे, इसलिये उनका विचार है कि संगमा द्वारा दायर याचिका सुनवाई योग्य है।
   
उन्होंने कहा कि वह अगले सप्ताह बतायेंगे कि उनकी राय मुख्य न्यायाधीश सहित बहुमत से अलग क्यों है।

इससे पहले न्यायालय ने मुखर्जी के संक्षिप्त हलफनामे को रिकार्ड में लिया। उन्होंने कहा है कि उनके निर्वाचन को चुनौती देने का आधार स्पष्ट तौर पर गलत है।
   
संगमा ने दावा किया है कि मुखर्जी जब राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हुए तो वह आईएसआई, कोलकाता के अध्यक्ष के तौर पर लाभ के पद पर थे। साथ ही वह उस वक्त लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता भी थे।
   
इससे पहले, अटॉर्नी जनरल ने लाभ के पद के मुद्दे पर संगमा की याचिका का विरोध किया था। वाहनवती ने कहा कि लाभ का पद ऐसा पद है जो निश्चित तौर पर सरकार के तहत होना चाहिए, जिसके पास नियुक्ति और हटाने की शक्ति हो और पद धारण करने के एवज में कुछ वेतन अवश्य मिलना चाहिए।
   
उन्होंने कहा कि भारतीय सांख्यिकीय संस्थान के अध्यक्ष पद के साथ ऐसा नहीं है। न्यायालय ने कहा कि आईएसआई के अध्यक्ष पद के साथ कोई वित्तीय लाभ नहीं जुड़ा हुआ था। इसके अलावा, पद निश्चित तौर पर इस तरह का होना चाहिए जहां नियुक्ति करने वाले प्राधिकार के जरिए पदाधिकारियों को प्रभावित किया जा सके।

 
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
टिप्पणियाँ
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
धूपसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 05:41 AM
 : 06:55 PM
 : 16 %
अधिकतम
तापमान
43°
.
|
न्यूनतम
तापमान
24°