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सुखदेव नामधारी का पासपोर्ट जब्त
जालंधर, एजेंसी First Published:27-11-12 09:12 PM
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब व्यवसायी चड्ढा बंधुओं पर कथित रूप से गोली चलाने वाले उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन सुखदेव सिंह नामधारी का पासपोर्ट जालंधर के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने मंगलवार को जब्त कर लिया।

जालंधर के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी परनीत सिंह ने बताया कि एक शिकायत के आधार पर जालंधर स्थित पासपोर्ट कार्यालय ने नामधारी के नाम उनके पते पर कारण बताओ नोटिस भेजा। उसका उत्तर हमें नहीं आया। डाक विभाग ने सूचित किया कि उस पते पर इस नाम का कोई व्यक्ति यहां नहीं रहता है। सिंह ने कहा कि इसके बाद हमने कार्रवाई करते हुए नामधारी का पासपोर्ट जब्त कर लिया। जालंधर स्थित पासपोर्ट आफिस से उन्हें मई, 2006 में पासपोर्ट जारी किया गया था।
 
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के रहने वाले चितरंजन सिंह नामक एक व्यक्ति ने उन्हें शिकायत भेजी थी कि नामधारी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर जालंधर कार्यालय से पासपोर्ट बनवा लिया है। इसके बाद उनके पते पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

यह पूछे जाने पर कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट कैसे जारी कर दिया गया, अधिकारी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के बाद ही पासपोर्ट जारी किया जाता है। पहले दस्तावेज में दिए गए पते की जांच की जाती है। पासपोर्ट के लिए हमने नामधारी का पुलिस रिकार्ड भी देखा है। पुलिस और सीआईडी की रिपोर्ट हमारे पास मंजूर होकर आई है।

परनीत ने यह भी कहा कि जालंधर जिले के लोहियां खास पुलिस थाना क्षेत्र का उसका पता दिया हुआ है। जैसा कि मैंने पहले ही कहा है कि पुलिस वेरिफिकेशन होने के बाद ही आवेदकों को पासपोर्ट जारी किया जाता है क्योंकि संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी मौके पर जा कर उसका वेरिफिकेशन करते हैं उसके बाद रिपोर्ट भेजते हैं। उन्होंने बताया कि मैंने इस बारे में जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (देहात) को भी लिख दिया है कि इस बात की जांच की जानी चाहिए कि आवेदक ने अगर फर्जी दस्तावेज दिया था तो पुलिस ने उसकी सकारात्मक रिपोर्ट कैसे दे दी।

इससे पहले यह भी खबर आई थी कि नामधारी कथित रूप से गलत दस्तावेज देकर पंजाब के मोहाली से असलहा का लाइसेंस भी ले चुका है। इस पर कल पुलिस महानिदेशक सुमेध सैनी ने कहा था कि दोनों मामलों की जांच की जाएगी।

 
 
 
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