सोमवार, 20 मई, 2013 | 22:01 | IST
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Image Loading अन्य फोटो प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महान देशभक्त, राजनीतिक आभा और बुद्धिजीवी के निधन से मैं व्यक्तिगत रूप से दुखी महसूस कर रहा हूं।
बसु स्वतंत्र भारत के सबसे काबिल नेताओं में से एक: मनमोहन
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:17-01-10 03:24 PM
Last Updated:17-01-10 03:26 PM
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ज्योति बसु के निधन को भारतीय राजनीति के इतिहास के एक युग का अंत बताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर वह अक्सर इस वरिष्ठ वाम नेता से सलाह लिया करते थे, जो हमेशा व्यावहारिक हुआ करती थी।
   
प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में बसु को महान निष्ठा और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धतता वाला व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि छह दशक से अधिक के अपने राजनीतिक जीवन में यह वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता अपनी पार्टी को पश्चिम बंगाल की सत्ता में लाने के वाहक बने। उनकी आम सहमति बनाने की महान काबिलियत और नेतृत्व क्षमता के चलते पश्चिम बंगाल में आज तक वाम मोर्चे का शासन अनवरत जारी है।

बसु को राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में एक सशक्त क्षेत्रीय आवाज बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने भारत के संघवाद को मजबूत करने में मदद की। उनके निधन से भारतीय राजनीति के इतिहास के एक युग का अंत हो गया है। पश्चिम बंगाल में 20 साल तक अनवरत शासन प्रमुख बने रहते हुए बसु ने स्वयं को स्वतंत्र भारत के सबसे काबिल प्रशासकों और राजनीतिज्ञों में एक साबित किया।

सिंह ने कहा कि बसु को पश्चिम बंगाल के लोग राज्य में 70 के प्रारंभिक दशक की अस्थिरता के बीच वहां स्थिरता और व्यवस्था कायम करने वाले तथा दूरगामी भूमि सुधार के जरिए ग्रामीण क्षेत्र की सूरत बदल देने वाले राजनेता के रूप में याद करेंगे। वहां की जनता उनकी लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली और विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था के लिए भी उन्हें याद करेगी।

बसु के काफी बीमार होने पर सात जनवरी को खास तौर से उन्हें देखने के लिए कोलकाता गए प्रधानमंत्री ने कहा कि बसु से मेरा व्यक्तिगत रूप से काफी लंबा जुड़ाव रहा। कई अवसरों पर, चाहे पश्चिम बंगाल से जुड़े हों या राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे, मैं उन पर उनकी दूरदर्शी राय लिया करता था।

उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर एक राजनेता के रूप में वह सलाह दिया करते थे, लेकिन वह हमेशा व्यावहारिक और उन मूल्यों पर आधारित हुआ करती थी, जिनका उन्होंने आजीवन अनुसरण किया।
  
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महान देशभक्त, राजनीतिक आभा और बुद्धिजीवी के निधन से मैं व्यक्तिगत रूप से दुखी महसूस कर रहा हूं।

 
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