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गुजरात चुनाव: महेसाणा में दो दिग्गजों की टक्कर
महेसाणा, एजेंसी First Published:09-12-12 01:46 PM

महेसाणा विधानसभा सीट पर टक्कर अलग-अलग क्षेत्र के दिग्गजों के बीच है। इनमें से एक दिग्गज सहकारिता से जुड़े हैं तो दूसरे मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री हैं और स्थानीय डेयरी उद्योग पर अपनी पकड़ रखते हैं। दोनों ही उम्मीदवार पटेल हैं और दोनों की नजरें भी अपने समुदाय पर टिकी हुई हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कडी से विधायक नितिन पटेल को यहां से मैदान में उतारा है। वह मोदी सरकार में जल संसाधन व शहरी विकास मंत्री हैं। परिसीमन में कडी सीट सुरक्षित हो गई थी।

कांग्रेस ने नटवरलाल पीताम्बरदास पटेल को उनके मुकाबले लड़ाई में उतारा है। वह इफको के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। सहकारी क्षेत्र पर उनकी पकड़ मजबूत है तो डेयरी उद्योग से जुड़े लोगों के बीच नितिन पटेल की साख है। महेसाणा दूध उत्पादन के लिए मशहूर है। यहां की दूधसागर डेयरी दूध की प्रोसेसिंग के मामले में देश की सबसे बड़ी सहकारी डेयरी है।

महेसाणा के बाबूभाई आचार्य बताते हैं, ''दोनों ही उम्मीदवार मजबूत हैं लेकिन पलड़ा नितिन पटेल का भारी है। वह मोदी के करीबी हैं और सबको पता है जीत उन्हीं की होगी। वह जीतेंगे तो फिर मंत्री बनेंगे और क्षेत्र में विकास का काम जारी रहेगा। हां, कांग्रेस ने यदि मजबूती से चुनाव लड़ा तो फिर नितिन पटेल को वह टक्कर दे सकती है।''

पान के साथ राशन की छोटी-सी दुकान चलाने वाले सलीम भाई शेख कहते हैं, ''दोनों में से कोई भी कमजोर उम्मीदवार नहीं है। लड़ाई बराबरी की है।''

राजनीतिक रूप से महेसाणा पर भाजपा का दबदबा रहा है। 1984 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा को पूरे देश में सिर्फ दो सीटों पर जीत मिली थी तो उसमें से एक सीट महेसाणा की थी। यहां से उसके नेता ए. के. पटेल ने जीत हासिल की थी। आज पटेल भाजपाई राजनीति में हाशिए पर हैं।

पटेल ने इसके बाद लगातार अगले चार चुनाव यहां से जीते। 1999 के लोकसभा चुनाव में यहां कांग्रेस के आत्माराम पटेल से वह हार गए। पटेल अब राजनीतिक रूप से निष्क्रिय हो चुके हैं लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर वह भाजपा को पराजित करने के लिए गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी) से जुड़ गए हैं और वह उसके उम्मीदवार बाबू प्रजापति के साथ हैं।

 
 
 
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