शुक्रवार, 24 अक्टूबर, 2014 | 15:02 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
कांग्रेस में बदल सकता है पार्टी अध्‍यक्षचिदंबरम ने कहा, नेतृत्‍व में बदलाव की जरूरत हैदेहरादून शहर के आदर्श नगर में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्यागर्भवती महिला समेत तीन लोगों की हत्याहत्याकांड के कारणों का अभी खुलासा नहींपुलिस ने पहली नजर में रंजिश का मामला बतायाकोच्चि एयरपोर्ट पर जांच जारीविमान पर आत्मघाती हमले का खतराएयर इंडिया की फ्लाइट पर फिदायीन हमसे का खतरामुंबई, अहमदाबाद, कोच्चि में हाई अलर्ट
48 घंटे में मोहाली में 10 मंजिला भवन तैयार
मोहाली, First Published:01-12-12 07:43 PM

48 घंटे में 10 मंजिला भवन खड़ाकर यहां एक कारोबारी ने शनिवार को एक अनोखा कारनामा कर दिखाया।

पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने दो दिनों पहले ही इस भवन का शिलान्यास किया था और शनिवार को लाल और भूरे रंग का 10 मंजिला भवन 'इंस्टाकॉम' मोहाली के एक औद्योगिक खंड पर खड़ा है।

भवन निर्माण गुरुवार को 4.30 बजे शाम में शुरू हुआ। शुक्रवार शाम तक सात मंजिल तैयार थे।

48 घंटे की समय सीमा पूरा होने तक पूरा भवन तैयार था हालांकि इंजीनियर खिड़कियों में सीसे लगाने तथा अन्य आंतरिक सज्जा का काम कर रहे थे।

सामग्री का निर्माण एक नजदीकी कारखाने में दो महीने से हो रहा था। भवन निर्माण में 200 टन से अधिक इस्पात लग रहा है। भवन निर्माण में पहले से तैयार संरचना वाली सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया।

सिनर्जी थ्रिसलिंगटन आधारभूत संरचना कम्पनी के एक अधिकारी ने निर्माण स्थल पर आईएएनएस से कहा, ''हमारी कोशिश 48 घंटे में 10 मंजिला भवन खड़ा करने की थी। हम यह साबित करना चाहते थे कि यह हो सकता है। यह लक्ष्य 48 घंटे के भीतर हासिल हो गया। कुछ आखिरी फिनिशिंग के काम रह गए हैं। यह सिर्फ एक नमूना संरचना है।''

1,000 करोड़ रुपये की आधारभूत संरचना कम्पनी के प्रमुख उद्यमी हरपाल सिंह ने दावा किया था कि 48 घंटे में 10 मंजिला भवन तैयार हो जाएगा।

चण्डीगढ़ के जेडब्ल्यू मेरियट होटल के मालिक हरपाल सिंह ने यहां कहा था, ''यह 48 घंटे में तैयार होने वाला देश में अपनी तरह का पहला भवन होगा। भवन के नक्शे को भूकम्प के जोन पांच क्षेत्र के लिए मंजूर किया गया है, जो सबसे खतरनाक क्षेत्र माना जाता है।''

गुरुवार को सिर्फ छह घंटे में तीन मंजिल तैयार हो चुकी थी।

निर्माण कार्य में 200 से अधिक कुशल श्रमिक लगे। भवन में हालांकि ईंट और रेत का इस्तेमाल नहीं हुआ है।
 
 
|
 
 
टिप्पणियाँ