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निधन पूर्व ही झारखंण्ड विधानसभा में गुजराल को श्रद्धांजलि
रांची, एजेंसी First Published:30-11-12 05:11 PMLast Updated:30-11-12 05:11 PM

झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन के पहले ही सदन में उन्हें श्रृद्धांजलि दे दी गई। राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन कार्यवाही शुरू होने पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर गुजराल के निधन के पहले ही विधानसभा में उन्हें श्रद्धांजलि दे दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

इसके कई घंटे बाद दिल्ली में लोकसभा में नेता सदन एवं गृहमंत्री सुशील शिन्दे ने बताया कि गुजराल का अपराह्न तीन बजकर 31 मिनट पर निधन हुआ। इससे पहले वित्तमंत्री हेमंत सोरेन ने चालू वित्त वर्ष के लिए 524.82 करोड़ रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। सत्र के पहले दिन ही झारखंड विकास मोर्चा के विधायकों ने पैनम कोल माइंस के विस्थापितों के मुद्दों को उठाने की कोशिश की।
 
सदन की कार्यवाही आज पूर्वाह ग्यारह बजे शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष सी पी सिंह ने अपने प्रारंभिक वक्तव्य में राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2013 को युवा और कौशल विकास वर्ष के रूप में मनाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि राज्य के बेरोजगार युवकों और रोजगार के अभाव में उनके पलायन पर इस व्यवस्था से विराम लग सकेगा।
 
सत्र के पहले ही दिन उपमुख्यमंत्री सह वित्त विभाग के प्रभारी हेमंत सोरेन ने चालू वित्त वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट को सदन के पटल पर रखा। वहीं अस्वस्थ चल रहे संसदीय कार्यमंत्री हेमलाल मूर्मू की अनुपस्थिति में मंत्री मथुरा प्रसाद महतो ने पिछले सत्र के दौरान सदन में दिए गए आश्वासनों कृत कार्रवाई प्रतिवेदन (एटीआर) की प्रति सभा पटल पर रखा।
 
इस बीच झारंखड विकास मोर्चा के प्रदीप यादव ने पाकुड़ जिले के पैनम कोल माइंस के विस्थापितों के मुद्दों को उठाते हुए बताया कि बाबूलाल मरांडी एवं अन्य नेता पिछले 15 दिनों से पंचुवाड़ा में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे है। उन्होंने बताया कि पैनम कोल कंपनी ने ग्रामीणों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि शोक प्रस्ताव के दिन जब सरकार अनुपूरक बजट पेश करने जैसा काम कर सकती है तो फिर उन्हें जनता की आवाज को उठाने से नहीं रोका जाना चाहिए।
 
विधानसभा अध्यक्ष ने शीतकालीन सत्र के लिए सभापतियों और कार्यमंत्रणा समिति के सदस्यों का मनोनयन किए जाने की सूचना दी। अंत में विगत सत्र से अब तक की अवधि में निधन होने वाले महत्वपूर्ण राजनेता समाजसेवी और कलाकारों तथा गुजराल को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तीन दिसंबर को पूर्वाह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
 
 
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