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असम में हिंसा के मामलों की जांच करेगी सीबीआई
गुवाहाटी, एजेंसी
First Published:11-08-12 03:52 PM
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निचले असम में हुई हिंसा के सात मामलों की जांच करेगा। राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) एलआर बिश्नोई ने बताया कि सीबीआई हिंसा से संबंधित सात मामलों की प्रारंभिक जांच देखेगी। इनमें चार मामले कोकराझार, दो चिरांग और एक मामला धुबरी से है।
यह फैसला विशेष निदेशक क़े सलीम अली और उपमहानिरीक्षक सतीश गोलचा की दो सदस्यीय सीबीआई टीम द्वारा कल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किए जाने के बाद किया गया। टीम ने मुख्य सचिव एनके दास और पुलिस महानिदेशक जेएन चौधरी सहित प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारयों से मुलाकात कर बोडो लोगों तथा अल्पसंख्यक प्रवासियों के बीच हुई हिंसा से जुड़े विभिन्न मुददों पर चर्चा की।
उन्होंने हिंसा के सिलसिले में ब्यौरा एकत्र किया और अब तक दर्ज 300 मामलों का अध्ययन किया। मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने हिंसा की जांच सात अगस्त को सीबीआई से कराए जाने की सिफारिश की थी क्योंकि 19/20 जुलाई को शुरू हुई हिंसा के पीछे बाहरी और आंतरिक दोनों शक्तियां थीं।
इस बीच, पिछले 12 घंटों में अशांत जिलों से किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है। धुबरी और बीटैड के कोकराझार तथा चिरांग में रात का कर्फ्यू जारी है। जातीय हिंसा में अब तक 77 लोगों की जान जा चुकी है और चार लाख से अधिक विस्थापित हुए हैं।
राज्य सरकार ने दावा किया है कि करीब एक लाख विस्थापित लोग हाल के दिनों में अपने घरों को वापस लौट गए हैं।
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