रविवार, 26 मई, 2013 | 07:07 | IST
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शरद पवार कांग्रेस से समझौते के मूड में नहीं
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:21-07-12 02:37 PM
Last Updated:21-07-12 02:41 PM
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने अपने प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री शरद पवार के इस्तीफे की पेशकश के बाद अब कांग्रेस से किसी भी सूरत में समझौता नहीं करने का निर्णय किया है पर वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) से हटेगी भी नहीं।

सूत्रों के अनुसार पवार ने संप्रग सरकार में नंबर दो की स्थिति पाने के लिए अपने इस्तीफे की पेशकश नहीं की है बल्कि वह संप्रग की कार्यशैली से नाराज हैं। इसलिए वह कांग्रेस के साथ किसी तरह का कोई समझौता नहीं करने के मूड में है।

सूत्रों का यह भी कहना है राकांपा संप्रग सरकार से अपना समर्थन नहीं वापस लेगी, बल्कि वह सरकार को बाहर समर्थन देती रहेगी। सूत्रों ने इन खबरों का भी खंडन किया है कि पवार ने तृणमूल कांग्रेस की तरह सरकार पर दबाव बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है, बल्कि वह यह चाहते हैं कि संप्रग सरकार को चलाने के लिए कांग्रेस को घटकदलों के साथ विचार-विमर्श करना चाहिए।

सूत्रों ने इन खबरों को भी गलत बताया कि पवार कांग्रेस के साथ कोई राजनीतिक सौदा करना चाहते हैं। उनका विरोध सैद्धांतिक है, न कि राजनीतिक।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राकांपा संप्रग सराकर में तृणमूल और सपा की तरह तवज्जो पाना चाहती है और पवार मंत्रिमंडल में एके एंटनी को नंबर दो बनाए जाने से खफा हैं और वह अपनी बेटी सुप्रिया सुले को मंत्री तथा तारिक अनवर को राज्यसभा का उप सभापति बनवाना चाहते हैं।

बोले प्रफुल्ल पटेल
पवार के साथ दिल्ली से पहुंचने के बाद हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से बात करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि राकांपा संप्रग का हिस्सा है और इसका हिस्सा बनी रहेगी। पटेल ने इन बातों को नकार दिया कि राकांपा दबाव की नीति अपना रही है।

पटेल ने कहा कि हम पहले ही संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात कर चुके हैं और कांग्रेस के किसी भी शीर्ष नेता ने यह नहीं कहा है कि हम संप्रग पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस का कोई नेता इसे दबाव की नीति कहता है तो यह सही नहीं है।


पीएम से मिले त्रिपाठी
राकांपा नेता डीसी त्रिपाठी ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। त्रिपाठी ने हालांकि कहा कि मुलाकात का उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच गतिरोध से कोई लेना-देना नहीं है और इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से उन्होंने नेपाल डेमोक्रेसी सॉलिडैरिटी कमेटी इंडिया के अध्यक्ष की हैसियत से मुलाकात की जिसमें सभी राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी समूहों का प्रतिनिधित्व है।

 
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टिप्पणियाँ
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टिप्पणियॉ पढ़े(2)
साफ़ है, आने वाले इलेक्शन में NCP को उन सभी घपलो घोटालो से बचाना चाहती है जो उन्होंने UPA को अपना समर्थन जारी रखते हुए हरी झंडी दी थी, तब नंबर २ ३ ४ से कोई मतलब नहीं था, अब दिखाना चाहती है की कांग्रेस ने कभी उनसे सलाह महवीरा किया ही नहीं , क्यूँ चुप थे जब 2G हुवा, पेट्रोल decontrol हुवा, कोम्मोंवेअल्थ गेम्स पे भी चुप , आज याद आई जब मुलायम सिंह ने कह दिया की इलेक्शन कभी हो सकते है
By simply indian (21st-July-2012 05:57:PM)
सूखे समझोते में क्या रखा है - कुछ टिप तो मिलनी ही चाहिए
By S M Sharma (21st-July-2012 05:09:PM)
 
 

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