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देश का अगला राष्ट्रपति मैं बनूंगा: संगमा
शिलांग, एजेंसी
First Published:02-07-12 03:47 PM
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा को पूरा भरोसा है कि वह चुनाव जीतकर देश के अगले राष्ट्रपति बनेंगे। उनका तर्क है कि यदि अश्वेत 'ओबामा' अमेरिका के राष्ट्रपति बन सकते हैं, तो जनजातीय समुदाय का कोई व्यक्ति भारत का राष्ट्रपति क्यों नहीं बन सकता?
संगमा ने यहां कहा, ''मैंने अतीत में कभी भी कोई चुनाव नहीं हारा है। वास्तव में जितनी बार मैंने चुनाव लड़ा, ईश्वर और मतदाताओं की कृपा से जीत का मेरा अंतर बढ़ता गया।''
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी की बिल्कुल परवाह न करते हुए संगमा ने कहा, ''मैं इस चुनाव में भी जीत दर्ज कराऊंगा।''
ज्ञात हो कि संगमा को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बीजू जनता दल (बीजद), ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और कुछ अन्य दलों का समर्थन प्राप्त है।
संगमा ने कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के रूप में मेघालय से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। वह राज्य की तुरा सीट से लगातार नौ बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। इस समय इस लोकसभा सीट का नेतृत्व उनकी सबसे छोटी बेटी अगाथा के. संगमा कर रही हैं। 1988 से 199० तक, एक छोटी अवधि के लिए संगमा मेघालय के मुख्यमंत्री भी थे।
संगमा ने कहा कि भारतीय जनजातीय मंच ने देश भर से छह जनजातीय नेताओं के नाम चुने और उसके बाद राष्ट्रपति पद के लिए एक जनजातीय उम्मीदवार के लिए सभी राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा। इन छह नामों में उनका भी नाम शामिल था।
संगमा ने कहा, ''ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने मेरा नाम प्रस्तावित किया। कई अन्य दल अब मेरे समर्थन में हैं।''
क्या जनजातीय आधार पर वोट मांगना उचित है? संगमा ने इसके जवाब में पलट कर सवाल किया, ''जनजातीय समुदाय का व्यक्ति देश का राष्ट्रपति बनने की आकांक्षा रखता है, तो इसमें गलत क्या है?''
संगमा ने आगे कहा, ''अतीत में एक राष्ट्रपति जाति, धर्म और लिंग के आधार पर निर्वाचित हो चुका है। ऐसे में किसी जनजातीय व्यक्ति की राष्ट्रपति बनने की आकांक्षा को मैं गलत नहीं समझता।''
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ''अमेरिका में अश्वेत लोगों को हमेशा नीचा देखा जाता रहा है। इसी तरह हमारे देश में भी जनजातीय और अल्पसंख्यक समुदायों को हाशिए पर धकेल दिया गया है और एक हदतक उनका शोषण हुआ है। यदि अश्वेत बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बन सकते हैं, तो भारत का राष्ट्रपति कोई जनजातीय क्यों नहीं बन सकता?''
संगमा ने कहा कि वह अभी भी शिव सेना और जनता दल (युनाइटेड) के सम्पर्क में हैं, जो प्रणब मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''चुनाव में अभी पर्याप्त समय है। देखते रहिए किस तरह स्थितियां करवट लेती हैं।''
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ भी ऐसी ही स्थिति है। उन्होंने कहा, ''मैं अभी भी उनके सम्पर्क में हूं। देखिए और इंतजार कीजिए।''
संगमा को भरोसा है कि तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) भी उन्हें अपना समर्थन देगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या पूर्वोत्तर के सांसद और विधायक 19 जुलाई को उन्हें वोट देंगे? संगमा ने कहा, ''असम गण परिषद, मीजो नेशनल फ्रंट, युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी का मुझे पहले ही समर्थन मिल चुका है। मैं समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं।''
संगमा ने दावा किया कि क्षेत्र के कुछ कांग्रेसी सांसद व विधायक भी उन्हें वोट देंगे। ''मुझे उनसे पहले ही आश्वासन मिल चुका है और उनका समर्थन शुद्ध रूप से निजी स्तर पर है, क्योंकि यह एक गुप्त मतदान है। मैं मानता हूं कि हमें अपने राजनीतिक मतभेद त्याग देने चाहिए और इस चुनाव में मुझे समर्थन देने के लिए एकजुट हो जाना चाहिए।''
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टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(1)
समस्त भारतवासियो से आग्रह करता हूँ कि श्री संगमा को ही वोट दे, क्योकि वे अन्य के मुकाबले योग्य तथा जनजातीय नेता है
By bhim (2nd-July-2012 04:43:PM)
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