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तृणमूल का विधेयक के खिलाफ मतदान
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:07-05-12 10:35 PM
संप्रग के प्रमुख सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने सोमवार को लोकसभा में एक अहम विधेयक के खिलाफ मतदान किया जिसके बाद परेशानी में आई सरकार ने तणमूल अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ इस मामले में बातचीत की। ममता ने इस मामले को देखने का वादा करते हुए कहा कि उन्होंने इस तरह का दिशानिर्देश अपने पार्टी सांसदों को नहीं दिया था।
संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने इस मामले में ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत के बाद कहा कि मैंने ममता बनर्जी से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सदस्यों को विधेयक के विरोध में मतदान करने के लिए नहीं कहा। उन्हें नहीं बताया गया कि वे विधेयक के खिलाफ वोट दे रहे हैं। ममता ने कहा है कि वह मामले को देखेंगी।
तृणमूल कांग्रेस के करीब चार से छह सदस्यों ने सदन में भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (संशोधन) विधेयक, 2012 के खिलाफ मतदान किया, जिसमें एमसीआई के संचालक मंडल का कार्यकाल मई, 2013 तक बढ़ाने का प्रावधान है जो आगामी 14 मई को समाप्त हो रहा है।
हालांकि बाद में विधेयक 57 के मुकाबले 100 मतों से पारित हो गया। बीजद सांसद तथागत सत्पथि ने इस पर विभाजन की मांग की थी। वाम सदस्यों और बीजद सांसदों ने इस दौरान सदन से वाकआउट किया।
बंसल ने सफाई दी कि तृणमूल सदस्य दरअसल विधेयक के खिलाफ मतदान नहीं करना चाहते थे लेकिन किसी त्रुटिवश उन्होंने ऐसा कर दिया। उनमें से किसी का ऐसा इरादा नहीं था।
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