इंडियन प्रीमियर लीग नहीं, कैरेबियन लीग कहिए जनाब
इंडियन प्रीमियर लीग नहीं, कैरेबियन लीग कहिए जनाब
इंडियन प्रीमियर लीग नहीं, कैरेबियन लीग कहिए जनाब
केंद्र सरकार, सफदरजंग के डॉक्टरों को कोर्ट का नोटिस जश्न मनाने की बजाय देश से माफी मांगे कांग्रेस: भाजपा भारत ने मांगी राणा और हेडली से पूछताछ की अनुमति भारत ने मांगी राणा और हेडली से पूछताछ की अनुमति SP विवेक दत्त और तीन अन्य की सीबीआई हिरासत बढ़ी विंदु के घर की ली गई तलाशी, लैपटॉप-मोबाइल बरामद विंदु के घर की ली गई तलाशी, लैपटॉप-मोबाइल बरामद
बालकृष्णन पर फैसला सुरक्षित
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:07-05-12 07:13 PM
सर्वोच्च न्यायालय ने रष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष केजी बालकृष्णन के खिलाफ उनके द्वारा देश का प्रधान न्यायाधीश रहते हुए किए गए कथित कदाचार के मामले में 'प्रेजीडेंशियल रेफरेंस' का अनुरोध करने वाली याचिका पर सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2007-10 के बीच बालकृष्णनन के सर्वोच्च न्यायालय में रहने के दौरान उनके दो दामादों और भाई ने आय के ज्ञात स्रेत से अधिक मात्रा में सम्पत्ति अर्जित की।
न्यायमूर्ति बी. एस. चौहान की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ को बताया गया कि यहां तक कि न्यायमूर्ति बालकृष्णन के आधिकारिक रसोइये को भी तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री से उनके विवेकाधीन कोटे से दो करोड़ रुपये दिए गए।
न्यायालय ने याचिका दायर करने वाले गैर सरकारी संगठन 'कॉमन कॉज' के वकील प्रशांत भूषण से पूछा कि क्या न्यायालय न्यायमूर्ति बालकृष्णन के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए सरकार से 'प्रजीडेंशियल रेफरेंस' के लिए कह सकता है।
प्रशांत ने न्यायालय को बताया कि यह स्पष्ट मामला है और सच्चाई सामने के लिए न्यायालय का हस्तक्षेप ही एकमात्र तरीका है, क्योंकि न्यायमूर्ति बालकृष्णन के खिलाफ शिकायत को लेकर सरकार पिछले एक साल में निर्णय नहीं ले पाई।
01

टिप्पणियाँ
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल
