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गैंगरेप पीड़िता की मौत पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:29-12-12 08:52 PM
Last Updated:30-12-12 02:46 PM
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दिल्ली में गैंगरेप की शिकार युवती की शनिवार तड़के सिंगापुर के अस्पताल में मौत होने के बाद सैकड़ों लोग जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में अन्य स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया है ताकि विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाये रखना सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही इंडिया गेट के आसपास स्थित दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों को भी एहितयात के तौर पर बंद कर दिया गया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने गह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से प्रतिबंध हटाने और लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने देने की इजाजत देने का आग्रह किया है। इस सीरीज में एक प्रदर्शन जेएनयू के छात्र भी कर रहे हैं। जेएनयू छात्रों ने विश्वविदयालय परिसर से मुनरिक बस स्टाप तक मार्च किया जहां 16 दिसंबर को कथित तौर छह लोगों ने 23 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक बालात्कार किया था।

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को उस समय लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा जब वह जंतर मंतर पर आयोजित शोक समारोह में हिस्सा लेने पहुंची। लोगों की नाराजगी के कारण उन्हें तुरंत जंतर मंतर से वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा।

छात्रों ने घोषणा की है कि वे नव वर्ष के दौरान इस स्थान पर (मुनिरका) रात में पहरेदारी करेंगे। इन छात्रों ने यौन अपराध करने वालों को दंडित करने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। वाम दलों की ओर से माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात के नेतृत्व में मंडी हाउस से जंतर मंतर तक शांति मार्च निकाला गया। बृंदा ने कहा कि जवाबदेही तय किए जाने की जरूरत है। जब तक हम ऐसा नहीं करेंगे तब तक ऐसी घटनाएं बार बार होंगी।

राजनीतिकों की ओर से महिलाओं पर होने वाली टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह लोगों की मानसिकता को दर्शाता है और इनके खिलाफ संसद में कार्रवाई की जानी चाहिए। जंतर मंतर पर सुबह दस बजे से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। वे सभी शांति से बैठे थे। इन लोगों ने मृतका को श्रद्धांजलि दी। आम आदमी पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और कुमार विश्वास भी प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठे। उनके समर्थक मुंह पर काली पट्टी बांधे हुए थे।

केजरीवाल ने ट्वीट किया कि उसका निधन हम सभी के लिए शर्म की बात है। आइये प्रण करें कि हम उसकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाने देंगे। प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट और रायसीना हिल पर जबर्दस्त सुरक्षा इंतजामात के खिलाफ नारेबाजी की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार किसी के निधन पर शोक भी नहीं व्यक्त करने दे रही है। यह संवेदनहीनता है। यह पूरी तरह नाकाबंदी है। मेट्रो स्टेशन तक बंद कर दिए गए हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरन बेदी ने कहा कि हर पुलिसकर्मी को प्रार्थना करनी चाहिए और महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने में सामूहिक विफलता के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या हम उस छात्रा की मौत के लिए जिम्मेदार नहीं हैं क्या हम ऐसा कुछ कर सकते हैं कि देश की आधी आबादी हमारे बीच सुरक्षित महसूस कर सके।

आम आदमी पार्टी ने अपने बयान में कहा कि इस घटना में मृत लड़की साहस के साथ महिलाओं की असुरक्षा का भी प्रतीक बन गई है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय दुख का विषय है। यह राष्ट्रीय शर्म का भी विषय है। एक राष्ट्र के तौर पर हम ऐसी स्थितियां प्रदान करने में विफल रहे हैं जिससे महिलाएं इज्जत के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर सके। पार्टी ने कहा कि हम महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता की संस्कति का विकास करने में विफल रहे हैं। हमें नए वर्ष पर महिलाओं के प्रति किसी तरह की हिंसा नहीं होने देने का संकल्प लेना चाहिए।

 
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