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सरकार ने हमारे सदस्यों को संसद से बाहर कराया: सपा
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:13-12-12 07:37 PM

समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्र सरकार पर गुरुवार को अपने दो सदस्यों को जबरन बाहर निकलवाने का आरोप लगाया और अन्य दलों की भी निंदा की कि इस मुद्दे पर उन्होंने उसका साथ नहीं दिया।

सपा के राज्यसभा से बहिर्गमन के बाद सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा, ''यह पूरी तरह असंवैधानिक है। सभापति ने नियम के तहत हमारे सदस्यों का नाम लिया। इसके बाद यदि हम सदन से बाहर नहीं निकलते तो मार्शल को बुलाया जाता।''

सपा सदस्य नौकरी में प्रोन्नति के लिए दलितों को आरक्षण देने का प्रावधान करने वाले विधेयक का विरोध कर रहे हैं।

यादव ने कहा कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री के कहने पर उन्हें संसद के उच्च सदन से बाहर निकालने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा, ''पहले दो सपा सदस्यों का नाम लिया गया, जिसके बाद मंत्री ने सभापति से सभी सपा सदस्यों का नाम लेने के लिए कहा। इसलिए हमें सदन से निकलना पड़ा।''

एक अन्य सपा नेता मुनव्वर सलीम ने कहा, ''यह विधेयक सामाजिक न्याय नहीं लाएगा, बल्कि इससे समाज में खाई बढ़ेगी। यह बसपा का विधेयक है और कांग्रेस इसे पारित कराने में मदद दे रही है।''

सपा ने हालांकि इसके बावजूद केंद्र की कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से समर्थन वापस नहीं लेने की बात कही।

 
 
 
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