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Image Loading अन्य फोटो संसद में मत विभाजन को लेकर कांग्रेस और भाजपा ने सांसदों को व्हिप जारी किए हैं। एफडीआई पर मत विभाजन के प्रावधान वाले नियम के तहत चर्चा होनी है।
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प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर आज संसद में मनमोहन सिंह की अग्निपरीक्षा
नई दिल्‍ली, लाइव हिन्दुस्तान
First Published:04-12-12 10:26 AM
Last Updated:04-12-12 12:47 PM
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खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के फैसले के खिलाफ मचे सियासी घमासान के बीच मंगलवार को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्‍यसभा में बहस होगी। चर्चा का समापन होने के बाद एफडीआई मुद्दे पर मत विभाजन (वोटिंग) बुधवार को होगा।

इस बीच, यूपीए सरकार ने नंबर पूरे होने का दावा किया है। वहीं, संसद में एफडीआई पर मत विभाजन को लेकर कांग्रेस और भाजपा ने अपने अपने सांसदों को व्हिप जारी किए हैं।

संसद में चर्चा और मत विभाजन से पहले संप्रग को बाहर से समर्थन दे रहे बसपा और सपा ने रिटेल में एफडीआई मुद्दे पर समर्थन देने को लेकर सरकार को भ्रम की स्थिति में रखा है।

बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अब तक मिले जुले संकेत दिए हैं, लेकिन सरकार को यकीन है कि उसके पास बहुमत है और वह सदन पटल पर जीतने में कामयाब होगी। मायावती ने बीते दिनों एक प्रेस कांफ्रेंस में संकेत दिया कि वह एफडीआई नीति का समर्थन कर सकती हैं क्योंकि इसमें कुछ सकारात्मक बातें भी हैं, लेकिन उन्होंने अपनी रणनीति का खुलासा करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि मत विभाजन के मुद्दे पर बसपा का फैसला सदन पटल पर ही जानने को मिलेगा, जब इस मुद्दे पर मत विभाजन होगा। एफडीआई नीति की एक ही सकारात्मक बात है कि यदि कोई राज्य इसे लागू नहीं करना चाहता तो इसे जबरन किसी राज्य पर नहीं थोपा जाएगा।

मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी ने इस बात को गंभीरता से लिया है। हमारी पार्टी यह भी गंभीरता से विचार कर रही है कि उन दलों के साथ खडा हुआ जाए या नहीं, जो सांप्रदायिक शक्तियों को प्रोत्साहित करते हैं।

उधर, संसद में एफडीआई पर मत विभाजन को लेकर कांग्रेस और भाजपा ने अपने अपने सांसदों को व्हिप जारी किए हैं। लोकसभा में मंगलवार को एफडीआई पर मत विभाजन के प्रावधान वाले नियम के तहत चर्चा होनी है। इसलिए दोनों प्रमुख दलों ने अपने सदस्यों को सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

कांग्रेस अपने सभी सहयोगियों को साथ लाने के प्रयास कर रही है, वहीं भाजपा नेतृत्व वाले राजग गठबंधन ने इस फैसले का विरोध करने के लिये कमर कस ली है। वहीं वामपंथी दलों को भरोसा है कि उनके सभी सांसद सदन में पहुंचेंगे और एफडीआई का विरोध करेंगे। आज लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज बहस शुरु करेंगी, वहीं राज्य सभा में अरुण जेटली विपक्ष का नेतृत्व करेंगे।

 
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