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प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:22-12-12 05:02 PM

दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में शनिवार को राष्ट्रपति भवन पर जमा हजारों प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने आंसू गैस छोड़े। पुलिस की इस कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारी घायल भी हो गए हैं।

इस बीच सरकार ने प्रदर्शनकारियों को शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि वह पहले ही उनकी मांग पर कार्रवाई कर रही है।

प्रदर्शन में घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सबसे पहले पानी की बौछार की लेकिन जब प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए तब उन्होंने आंसू गैस छोड़ी और लाठियां चलाईं।

यहां पुलिस को लोगों को खदेड़ते हुए भी देखा गया जिनमें ज्यादातर छात्र शामिल थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया।

लोगों के दोबारा इकट्ठा होते ही पुलिस ने दोबारा  पानी की बौछारों से उन्हें तितर-बितर किया।

रायसिना हिल से निकलने के बाद प्रदर्शनकारी इंडिया गेट पर जमा हो गए।

गृह राज्यमंत्री आर.पी.एन सिंह ने कहा कि पुलिस से संयम बरतने को कहा गया है और सरकार लोगों की मांग के मुताबिक काम कर रही है।

मंत्री ने एक समाचार चैनल से कहा कि पुलिस लोगों को बैरिकेड तोड़कर सरकारी इमारतों में घुसने की इजाजत नहीं दे सकती।

शांति की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहे हैं वहां पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हुड़दंग भी मचा रहे हैं।

सिंह ने कहा, ''मैं आंसू गैस के गोले छोड़ने को सही नहीं बता रहा।''

उन्होंने आगे कहा कि लोग बैरिकेड तोड़ कर राष्ट्रपति भवन और अन्य मुख्य सरकारी कार्यालयों में घुसने की कोशिश कर रहे हैं।

सिंह ने कहा, ''सरकार उनकी बात सुन रही है।''

पुलिस दुष्कर्म के मामले में अधिकतम सजा की मांग करेगी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

इस बीच, पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है और वह अभी तक अस्पताल में जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ रही है।

सिंह ने कहा कि सरकार लोगों से बात करना चाहती हैं लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने चाहिए।

लेकिन प्रदर्शनकारियों जिनमें स्कूली छात्र भी शामिल हैं उन्होंने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि वह यहां रुके रहेंगे।

एक कॉलेज छात्रा रितिका ने कहा, ''हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हमें मारना शुरू किया। क्या ये लोकतंत्र है? हम सिर्फ एक कड़े कानून की मांग कर रहे हैं।''

एक अन्य छात्रा रुचि ने कहा, ''हम पुलिस की कार्रवाई से नहीं डरते। जब तक न्याय नहीं मिलता हम रोज आएंगे। आंसू गैस क्यों छोड़ी जा रही है, लाठीचार्ज क्यों हो रहा है और क्यों पानी की बौछार क्यों की जा रही है? हम छात्र हैं, आतंकवादी नहीं। यहां इतनी पुलिस क्यों है, वे सड़क पर अपराध रोकने के लिए क्यों तैनात नहीं होती?''

प्रदर्शनकारी सुबह से यहां जमा होना शुरू हो गए थे और जल्द ही उनका साथ देने पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह भी वहां पहुंच गए।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अति-सुरक्षित क्षेत्र रायसिना हिल स्थित राष्ट्रपति भवन की तरफ रैली निकाली लेकिन इन्हें सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोक दिया गया।

रविवार रात चलती बस में एक लड़की के साथ किए गए सामूहिक दुष्कर्म के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया है।
 
 
 
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