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समझौता विस्फोट का आरोपी एनआईए की हिरासत में
पंचकुला, एजेंसी First Published:17-12-12 08:11 PM

हरियाणा में पंचकुला की एक अदालत ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट कांड में संदिग्ध राजेंद्र चौधरी को सोमवार को 12 दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया। चौधरी को एनआईए ने 15 दिसंबर को मध्यप्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया था। वहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया गया था। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि चौधरी 28 दिसंबर तक एनआईए की हिरासत में रहेगा। उस पर पांच लाख रूपए का इनाम था। वह समुंदर नाम से भी जाना जाता है। इस कांड की जांच कर रही एनआईए के लिए चौधरी की गिरफ्तारी काफी अहम मानी जा रही है।

इस मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है। एनआईए कमल चौहान, असीमानंद और लोकेश शर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि 18 फरवरी, 2007 को हरियाणा में पानीपत के समीप समझौता एक्सप्रेस में बम विस्फोट हुए और उसके बाद भयंकर आग लग गई थी। इस घटना में 68 लोगों की जान चली गई थी और 12 अन्य ट्रेन यात्री घायल हुए थे। ट्रेन पाकिस्तान जा रही थी।

इस विस्फोट कांड की प्रारंभिक जांच सरकारी रेलवे पुलिस एवं हरियाणा पुलिस के विशेष जांच दल ने की। बाद में गृहमंत्रालय के निर्देश पर जुलाई, 2010 में एनआईए ने जांच का काम अपने हाथों में ले लिया। एनआईए ने पांच आरोपियों- नबा कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद, सुनील जोशी (अब मृत), लोकेश शर्मा, संदीप डांगे, एवं रामचंद्र कलशांगरा उर्फ रामजी के खिलाफ आईपीसी एवं अवैध गतिविधि रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के तहत 20 जून, 2011 को विशेष अदालत में आरोपपत्र दायर किया था। डांगे और कलशांगरा कथित रूप से फरार चल रहे हैं।

 
 
 
 
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