गुरुवार, 30 अक्टूबर, 2014 | 17:51 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
न्यायालय ने गुमशुदा बच्चों के मामलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर बिहार और छत्तीसगढ़ सरकारों को आड़े हाथ लिया।सरकार 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए 3,325 लोगों में से प्रत्येक के नजदीकी परिजन को पांच़-पांच लाख देगीमहाराष्ट्र की नई सरकार में शिवसेना के किसी नेता को शामिल नहीं किया जाएगा: राजीव प्रताप रूडी
अमेरिकी मानवाधिकार मामला खारिज कराना चाहते हैं बादल
वाशिंगटन, एजेंसी First Published:28-12-12 03:36 PM
Image Loading

पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल अमेरिका की एक अदालत में उनके खिलाफ दायर मानवाधिकार हनन के एक मामले को खारिज कराना चाहते हैं। वह उन्हें अदालत की ओर से समन न मिलने के आधार पर मामला खारिज कराना चाहते हैं।

बादल के खिलाफ दायर इस मुकदमे को खारिज कराने के समर्थन में एटॉर्नी मिशेल जेकब्स ने कहा कि प्रतिवादी ने स्पष्ट और ठोस सबूत पेश किया है कि बादल का इसमें कोई लेना-देना नहीं है इसलिए मामले को खारिज किया जाना चाहिए।

इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग की डिप्लोमेटिक सिक्युरिटी सर्विस के दो स्पेशल एजेंट्स ने विस्कॉन्सिन संघीय अदालत से कहा था कि मानवाधिकार हनन के मामले में बादल को समन नहीं भेजे गए थे। इसके बाद बादल की ओर से मामला खारिज किए जाने की याचिका दाखिल की गई।

स्पेशल एजेंट्स ने अदालत में शपथ वक्तव्य दाखिल किए। अदालत में न्यूयार्क के सिख संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (एसएफजे) ने बादल के खिलाफ एक मामला दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने पुलिस बल को आदेश दिया था जिसने कथित तौर पर पंजाब में सिखों को प्रताड़ित किया।

स्पेशल एजेंट्स मार्टिन ओ टूले व डेविड स्कारलेट के शपथ वक्तव्यों के मुताबिक नौ अगस्त, 2012 को बादल ओक क्रीक हाई स्कूल या ओक क्रीक, विस्कॉन्सिन में नहीं थे। दोनों एजेंट्स को अगस्त 2012 में बादल की सुरक्षा जानकारी लेने के लिए तैनात किया गया था।

बादल ओक क्रीक गुरुद्वारा गोलीबारी के कुछ समय बाद ही अमेरिका पहुंचे थे। एसएफजे के मुताबिक जब बादल को अमेरिकी अदालत से समन भेजे गए तब वह शाम 4.50 बजे मिलवॉकी के बोइल्टर सुपरस्टोर में थे।

वैसे एसएफजे ने कहा है कि वह बादल के खिलाफ मामला जारी रखने के प्रति सुनिश्चित है और उसने अमेरिकी संघीय अदालत द्वारा बादल के खिलाफ जारी समन हेग कन्वेंशन के तहत भारत भेज दिए हैं।

 
 
 
टिप्पणियाँ