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अमेरिकी मानवाधिकार मामला खारिज कराना चाहते हैं बादल
वाशिंगटन, एजेंसी First Published:28-12-12 03:36 PM
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल अमेरिका की एक अदालत में उनके खिलाफ दायर मानवाधिकार हनन के एक मामले को खारिज कराना चाहते हैं। वह उन्हें अदालत की ओर से समन न मिलने के आधार पर मामला खारिज कराना चाहते हैं।

बादल के खिलाफ दायर इस मुकदमे को खारिज कराने के समर्थन में एटॉर्नी मिशेल जेकब्स ने कहा कि प्रतिवादी ने स्पष्ट और ठोस सबूत पेश किया है कि बादल का इसमें कोई लेना-देना नहीं है इसलिए मामले को खारिज किया जाना चाहिए।

इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग की डिप्लोमेटिक सिक्युरिटी सर्विस के दो स्पेशल एजेंट्स ने विस्कॉन्सिन संघीय अदालत से कहा था कि मानवाधिकार हनन के मामले में बादल को समन नहीं भेजे गए थे। इसके बाद बादल की ओर से मामला खारिज किए जाने की याचिका दाखिल की गई।

स्पेशल एजेंट्स ने अदालत में शपथ वक्तव्य दाखिल किए। अदालत में न्यूयार्क के सिख संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (एसएफजे) ने बादल के खिलाफ एक मामला दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने पुलिस बल को आदेश दिया था जिसने कथित तौर पर पंजाब में सिखों को प्रताड़ित किया।

स्पेशल एजेंट्स मार्टिन ओ टूले व डेविड स्कारलेट के शपथ वक्तव्यों के मुताबिक नौ अगस्त, 2012 को बादल ओक क्रीक हाई स्कूल या ओक क्रीक, विस्कॉन्सिन में नहीं थे। दोनों एजेंट्स को अगस्त 2012 में बादल की सुरक्षा जानकारी लेने के लिए तैनात किया गया था।

बादल ओक क्रीक गुरुद्वारा गोलीबारी के कुछ समय बाद ही अमेरिका पहुंचे थे। एसएफजे के मुताबिक जब बादल को अमेरिकी अदालत से समन भेजे गए तब वह शाम 4.50 बजे मिलवॉकी के बोइल्टर सुपरस्टोर में थे।

वैसे एसएफजे ने कहा है कि वह बादल के खिलाफ मामला जारी रखने के प्रति सुनिश्चित है और उसने अमेरिकी संघीय अदालत द्वारा बादल के खिलाफ जारी समन हेग कन्वेंशन के तहत भारत भेज दिए हैं।

 
 
 
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