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प्रमोशन में आरक्षण: यूपी में कर्मचारियों की हड़ताल जारी
लखनऊ, एजेंसी
First Published:14-12-12 10:28 PM
संसद में पेश किए गए प्रोन्नति में आरक्षण सम्बंधी विधेयक को लेकर उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारी दो गुटों में बंट गए हैं। आरक्षण का विरोध कर रहे करीब 18 लाख सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। आरक्षण विरोधी लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया।
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के बैनर तले सरकारी कर्मचारियों ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के लगभग सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। लखनऊ में विधानसभा के सामने मार्च कर रहे आरक्षण विरोधी कर्मचारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
आरक्षण विरोधी प्रदर्शनकारी विधानसभा के सामने से गुजर रहे थे। उसी दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने आते ही जुलूस में शामिल लोगों ने भाजपा नेताओं के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जब कुछ भाजपा कार्यकर्ता बाहर निकले तब दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
ज्ञात हो कि प्रोन्नति में आरक्षण सम्बंधी विधेयक पर भाजपा के नरम रवैये को लेकर आरक्षण विरोधी खेमे में काफी नाराजगी है, जिसका इजहार उन्होंने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पर किया।
इससे पहले विधेयक के विरोध में सरकारी कर्मचारी शुक्रवार सुबह से ही प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदेश के गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद आदि शहरों में कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी धरना दिया।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस विधेयक को वापस नहीं लिया तो आगे इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा और आपातकालीन सेवाओं को भी प्रदर्शन के दायरे में लाया जाएगा।
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि सरकार ने यदि समय रहते इस विधेयक को वापस नहीं लिया तो आगामी लोकसभा चुनाव में उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यह विधेयक पूरी तरह से असंवैधानिक है, इसलिए इस पर चर्चा ही नहीं होनी चाहिए।
विरोध कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि प्रोन्नति में आरक्षण सम्बंधी विधेयक वापस लिया जाए। जब तक इसे वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
इस बीच प्रोन्नति में आरक्षण का समर्थन कर रही आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों ने चार घंटे अधिक ड्यूटी करने का ऐलान किया है।
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