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प्रमोशन में आरक्षण पर संदन में हंगामा, सपा का वाकआउट
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:13-12-12 05:26 PM
Last Updated:13-12-12 08:06 PM
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सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारियों को प्रोन्नति में आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक के विरोध में सपा के सदस्यों ने गुरुवार को राज्यसभा से वाकआउट किया। इससे पहले भारी हंगामे के बीच सपा के दो सदस्यों को सदन से बाहर जाने का आदेश दिया गया था तथा नाटकीय घटनाक्रम में बैठक को तीन बार स्थगित करना पड़ा।

भोजनावकाश के बाद बैठक शुरू होने पर संविधान 117वां संशोधन विधेयक, 2012 चर्चा के लिए रखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने इसके बारे में परिचय देना शुरू किया। इसी बीच सपा के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए।

नारेबाजी कर रहे सपा सदस्यों को उपसभापति पी जे कुरियन ने कई बार अपने स्थानों पर वापस जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सपा सदस्यों के हंगामे के कारण पिछले कई दिनों से सदन की कार्यवाही बार बार बाधित हो रही है। वह अब सदन की कार्यवाही बाधित करने की अनुमति नहीं देंगे और कोई कठोर फैसला करने को मजबूर हो जाएंगे।

कुरियन की इस चेतावनी का सपा सदस्यों पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने सपा नेता रामगोपाल यादव सहित पार्टी के सदस्यों से सदन को चलने देने की अपील की। लेकिन अपील का असर नहीं होते देख उन्होंने नियम 255 के तहत सपा के सदस्य अरविन्द कुमार सिंह को सदन से बाहर जाने का आदेश दिया।

उपसभापति के आदेश के बावजूद जब सिंह सदन से बाहर नहीं गए तो उन्होंने दो बजकर 33 मिनट पर 10 मिनट के लिए बैठक स्थगित कर दी। बैठक फिर शुरू होने पर भी सिंह सदन में मौजूद रहे। इस पर कुरियन ने सिंह को सदन से बाहर जाने का फिर से आदेश दिया और नारेबाजी कर रहे अन्य सदस्यों को अपने स्थानों पर वापस जाने को कहा। लेकिन उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ। नारेबाजी जारी रहने पर उन्होंने करीब दो बजकर 45 मिनट पर 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

सदन की बैठक फिर शुरू होने पर रामगोपाल यादव ने कुरियन से अनुरोध किया कि यदि वह सपा सदस्यों को सदन से बाहर निकालने का आदेश देना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए सदन की राय लेनी चाहिए। उन्हीं की पार्टी के नरेश अग्रवाल ने इस मांग का समर्थन किया।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि सदन की राय तभी ली जा सकती है जब सिंह आसन का आदेश मानते हुए सदन से बाहर जाएं। कुरियन ने कहा कि सपा नेता यादव ने जो प्रस्ताव दिया है, वह नियम 256 के तहत है। लेकिन यह नियम तभी लागू होगा, जब नियम 255 के तहत दिए गए आदेश का पालन हो जाए, इसलिए पहले सिंह को पहले सदन से बाहर जाना चाहिए।

उपसभापति के यह कहने पर सिंह सदन से बाहर चले गए। लेकिन सपा के अन्य सदस्य आसन के समक्ष नारेबाजी करते रहे। इस पर कुरियन ने करीब तीन बजे बैठक 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। बैठक फिर शुरू होने पर सपा सदस्यों की नारेबाजी जारी रहने पर कुरियन ने कहा कि वह पहले ही एक सदस्य को बाहर जाने का आदेश दे चुके हैं और अन्य सदस्यों को अपनी सीट पर वापस जाना चाहिए।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि सपा के अन्य सभी सदस्यों को भी बाहर जाने का आदेश दिया जाना चाहिए। हंगामा जारी रहने के बीच आसन ने सपा के चौधरी मुनव्वर सलीम को बाहर जाने का आदेश दिया।

 
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