शुक्रवार, 28 अगस्त, 2015 | 10:36 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
उत्तर प्रदेश: रामपुर में मंसूरपुर बाईपास पर हादसा, तीन की मौत, बोलेरो ने मारी बाइक को टक्कर।उत्तर प्रदेश: अमरोहा में हाईवे पर स्थित रजबपुर थाना इलाके में शहीद अरविंद फिलीग स्टेशन पर रात ढाई बजे नकाबपोश बदमाशों ने की लूटपाट, कर्मचारियों को बंधक बनाकर दस हजार लूटे।बिहार के जमुई में सरपंच के पति की नक्सलियों ने गोली मारकर की हत्या, झाझा के मानिक थाना की घटना।
जल प्रबंधन पर राज्यों के अधिकार में अतिक्रमण नहीं: PM
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:28-12-2012 02:07:08 PMLast Updated:28-12-2012 02:24:21 PM
Image Loading

जल संसाधनों के बारे में प्रस्तावित राष्ट्रीय कानूनी रूपरेखा बनाने पर राज्यों की आशंकाओ को दूर करने का प्रयास करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि केंद्र का जल प्रबंधन के मामले में राज्यों के अधिकारों का अतिक्रमण करने का कोई इरादा नहीं है।
   
उन्होंने कहा कि मैं प्रस्तावित राष्ट्रीय कानूनी रूपरेखा को सही परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत पर जोर देता हूं। यह रूपरेखा केंद्र, राज्यों और स्थानीय निकायों द्वारा व्यवहार में लाई जाने वाली विधायी, कार्यकारी और हस्तांतरित शक्तियों के सामान्य सिद्धांतों पर ही आधारित होगी।
   
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी तरह से राज्यों को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का अतिक्रमण या जल प्रबंधन का केंद्रीकरण करने का इरादा नहीं रखती।
   
सिंह राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद की छठीं बैठक को संबोधित कर रहे थे, जिसमें नई राष्ट्रीय जल नीति के अपनाए जाने की संभावना है।
  
बीते जनवरी माह में सार्वजनिक किए गए इस नीति के मसौदे में जल से जुड़े मसलों पर एक राष्ट्रीय कानूनी रूपरेखा बनाने का प्रस्ताव है। तभी से राज्य सरकारें इस प्रस्ताव का विरोध कर रही हैं।
  
भूजल स्तर में आने वाली गिरावट के संदर्भ में मनमोहन ने कहा कि इसके अत्यधिक महत्व के बावजूद इसे निकालने और विभिन्न प्रयोगों में तालमेल से जुड़ा कोई नियमन नहीं है। उन्होंने कहा कि भूजल के दुरुपयोग को कम से कम करने के लिए हमें इसे निकालने में बिजली के इस्तेमाल के नियमन के कदम उठाने होंगे। 
  
सिंह ने कहा कि तीव्र आर्थिक वृद्धि और शहरीकरण जल की मांग और आपूर्ति के बीच के फासले को बढ़ा रहे हैं, जिसके चलते देश का जल-दाब सूचकांक खराब हो रहा है।
  
उन्होंने कहा कि हमारे सीमित जल संसाधनों का न्यायपूर्ण प्रबंधन और हमारी पद्धतियों में बदलाव मौजूदा स्थिति की अहम जरूरत है। इसलिए हमें जरूरत है कि हम राजनीति, विचारधाराओं और धर्म से जुड़े मतभेदों से उपर उठें और किसी परियोजना तक सीमित रहने की बजाय, जल प्रबंधन के लिए एक व्यापक पद्धति अपनाएं।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image LoadingLIVE: भारत को पहला झटका, राहुल आउट
भारतीय क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ तीसरा निर्णायक टेस्ट में बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला विकेट गंवा दिया। लोकेश राहुल दो रन बनाकर प्रसाद की गेंद पर बोल्ड हो गए।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
 
Image Loading

जब पप्पू पहंचा परीक्षा देने...
अध्यापिका: परेशान क्यों हो?
पप्पू ने कोई जवाब नहीं दिया।
अध्यापिका: क्या हुआ, पेन भूल आये हो?
पप्पू फिर चुप।
अध्यापिका : रोल नंबर भूल गए हो?
अध्यापिका फिर से: हुआ क्या है, कुछ तो बताओ क्या भूल गए?
पप्पू गुस्से से: अरे! यहां मैं पर्ची गलत ले आया हूं और आपको पेन-पेंसिल की पड़ी है।