गुरुवार, 24 अप्रैल, 2014 | 06:54 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    केजरीवाल के इस्तीफे ने पार्टी की संभावना धूमिल की: सिसोदिया मोदी के पाकिस्तान संबंधी टिप्पणी से उत्साहित हैं पाक उच्चायुक्त हिन्दुस्तान के वोट की चोट कार्यक्रम के तहत धनबाद कैंडल-मार्च आयोग ने आजम खान को फिर भेजा कारण बताओ नोटिस गिरफ्तारी वारंट के बाद राजद सांसद प्रभुनाथ सिंह लापता पीसीएस-14 के 300 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू मोदी रोड शो के बाद करेंगे वाराणसी में नामांकन दाखिल लोकसभा चुनाव का एक और महत्वपूर्ण चरण आज विमान के भीतर मोबाइल, लैपटॉप के इस्तेमाल की इजाजत जियो-टीवी के खिलाफ सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
 
मॉरीशस के राष्ट्रपति के गांव वाले उपहार में देंगे मिट्टी
पटना, एजेंसी
First Published:05-01-13 10:29 PM
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-

मॉरीशस के राष्ट्रपति राजकेश्वर पुरयाग के पूर्वजों के गांव लोग काफी उत्साहित हैं। रविवार को पुरयाग जब गांव देखने पहुंचेंगे तब ग्रामीणों ने उन्हें उपहार के तौर पर गांव की मिट्टी और धान की बाली देने का फैसला किया है।

पटना जिले के पुनपुन प्रखंड के वाजितपुर गांव से राजकेश्वर पुरयाग के पूर्वज 19वीं सदी में मॉरीशस जा बसे थे। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में भाग लेने के लिए पुरयाग इन दिनों भारत आए हुए हैं।

जिले के एक अधिकारी खुर्शीद आलम ने शनिवार को बताया, ''राजकेश्वर पुरयाग के वंश परिवार के सदस्यों समेत ग्रामीणों ने उन्हें गांव की मिट्टी देने का फैसला लिया है जिसे वे अपने साथ घर लेते जाएंगे।''

अधिकारी ने कहा कि ग्रामिणों ने मेहमान राष्ट्रपति को 'धान की बाली' भी देने का फैसला लिया है। इसके अलावा कुछ ग्रामिणों ने चांदी का स्मृतिचिन्ह देने के लिए चंदा भी किया है।

गांव में रहने वाले राजकेश्वर पुरयाग के दूर के रिश्तेदार महेश महतो ने आईएएनएस को फोन पर बताया कि गांव वाले 'माटी के लाल' को 'गांव की मिट्टी' उपहार में देंगे।

बिहार के इस गांव में अभी उत्सवी माहौल है। महेश पत्थर तोड़ने की मजदूरी करते हैं।

जिले के एक अन्य अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि माहौल उत्सवी है और लोग व्यग्रता से मेहमान राष्ट्रपति की आगवानी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। राष्ट्रपति की यात्राा के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

राजकेश्वर पुरयाग के पूर्वज गिरमिटिया मजदूर के रूप में कैरेबियाई द्वीप समूह के तत्कालीन ब्रिटिश उपनिवेश त्रिनिनाद एवं टोबेगो चले गए थे।

पिछले साल जनवरी में त्रिनिनाद की पहली महिला राष्ट्रपति कमला प्रसाद बिसेसर ने बिहार के बक्सर जिले के इतराही स्थित अपने पूर्वजों के गांव भेलुपुर की यात्रा की थी। उसके पड़दादा राम लखन मिश्र 1889 में भेलपुर से विदेश चले गए थे।

करीब पांच साल पहले मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने राज्य के भोजपुर जिले में स्थित अपने पूर्वजों के गांव की यात्रा की थी।

गन्ने और रबर की खेती में अनुबंधित मजदूर के रूप में मजदूरी करने के लिए बिहार से बड़ी संख्या में लोग मॉरीशस, फिजी, त्रिनिनाद, सुरिनाम, दक्षिण अफ्रीका और अन्य जगहों पर गए थे।

 

 
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
Image Loadingकाला धन करदाताओं को देंगे,एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मोदी ने कहा
नरेन्द्र मोदी से ‘हिन्दुस्तान’ ने ई-मेल के जरिए उनसे जुड़े तमाम विवादों और सवालों पर सीधे सवाल किए। जवाब भी वैसे ही मिले...सपाट पर बेहद संयत। वे कठिन परिश्रम का वादा कर देश को आगे बढ़ाने की इच्छा जताते हैं।
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
आंशिक बादलसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 06:47 AM
 : 06:20 PM
 : 68 %
अधिकतम
तापमान
20°
.
|
न्यूनतम
तापमान
13°