मंगलवार, 28 अप्रैल, 2015 | 21:28 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
यूपीः संभल एआरटीओ कार्यालय में फायरिंग।यूपी: आजमगढ़ में बिजली गिरने से दो की मौत, हाइवे पर दो घंटे आवागमन बाधितयूपी : मऊ में चक्रवाती तूफान से भारी तबाही, युवती की मौतयूपी: बलिया में बारिश व तूफान ने फिर मचाई तबाही, दो की मौतयूपी: आंधी ने उजाड़ दिये आम के बागीचे, रामनगर का पीपा का पुल काफी दूर तक बहाभूकंप के बाद आंधी-पानी ने ढाया कहर, पूर्वांचल में नौ की मौतयूपी : भूकंप के बाद पूरे अवध क्षेत्र में आंधी-बारिश का कहरपहले ही तबाह किसानों की बची-खुची फसल भी खत्म
राजेन्द्र चौधरी पर मक्का-मस्जिद धमाके का भी शक
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:16-12-12 06:52 PM
Image Loading

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सूत्रों ने रविवार को बताया कि मुमकिन है साल 2007 में समझौता एक्सप्रेस में बम रखने का आरोपी राजेंद्र चौधरी साल 2007 के ही मई महीने में हैदराबाद की मक्का-मस्जिद में हुए बम धमाके के मामले में भी शामिल रहा हो। इस हमले में नौ लोग मारे गए थे।
 
एनआईए सूत्रों ने बताया कि कल रात उज्जैन से 50 किलोमीटर दूर नागदा से गिरफ्तार किया गया राजेंद्र अपना नाम बदलकर रह रहा था। ताजा गिरफ्तारी से मक्का-मस्जिद धमाके की जांच में मदद मिल सकती है। सूत्रों ने कहा कि दक्षिणपंथी चरमपंथियों के बीच समुंदर सिंह के नाम से मशहूर राजेंद्र के खिलाफ जब एनआईए ने पांच लाख रुपये का ईनाम घोषित किया था उसके बाद से उसने अपनी पूरी पहचान ही बदल ली थी और पिछले तीन साल से नाम बदलकर रह रहा था।

एनआईए सूत्रों ने आरोप लगाया कि वह 18 मई 2007 को हैदराबाद की मक्का-मस्जिद में बम रखने में भी शामिल था। इस धमाके में नौ लोग मारे गए थे। धमाकों के बाद पुलिस के साथ हुई झड़प में भी पांच लोगों की जान चली गई थी। ऐतिहासिक मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान सेल-फोन से नियंत्रित पाइप बम में धमाका हुआ था।

मक्का-मस्जिद मामले की जांच 2011 में एनआईए को सौंपी गई जिसके बाद पांच लोगों- असीमानंद, लोकेश शर्मा, देविंदर गुप्ता, रामजी कालसांगरे और संदीप डांगे के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया। असीमानंद, लोकेश और देविंदर को तो गिरफ्तार किया जा चुका है पर रामजी और संदीप फरार हैं।
 
एनआईए सूत्रों ने बताया कि राजेंद्र से धमाके के मामलों में उसकी भूमिका के बारे में पूछताछ की जाएगी। जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि समझौता एक्सप्रेस और मक्का-मस्जिद में बम रखने वाले एक ही थे। साल 2010 में समझौता एक्सप्रेस बम धमाके की जांच एनआईए को सौंपे जाने के बाद हुई तफ्तीश से एजेंसी को यह अहम कामयाबी मिली है।
 
सूत्रों ने कहा कि मुखबिरों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर एनआईए ने आरोपी की निगरानी बढ़ा दी थी। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि राजेंद्र अपना नाम बदलकर रह रहा है। इस मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है। समझौता एक्सप्रेस मामले में जांच एजेंसी ने पहले ही कमल चौहान, असीमानंद और लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी कर ली है।

 
 
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
जरूर पढ़ें
Image Loadingआरसीबी से बदला चुकता करने उतरेंगे आरआर
एक दूसरे के खिलाफ पिछले मुकाबले में पराजय झेल चुकी राजस्थान रायल्स आईपीएल के कल होने वाले मैच में रायल चैलेंजर्स बेंगलूर से बदला चुकता करने के इरादे से उतरेगी।