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एसएचआरसी को पर्याप्त संसाधन दिए जाने चाहिए: बालकृष्णन
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:10-12-12 09:21 PM
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रमुख केजी बालाकृष्णन ने कहा कि राज्य मानवाधिकार आयोगों को पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाने चाहिए ताकि वे वित्तीय कठिनाईयों से उबर कर प्रभावी तरीके से काम कर सकें।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर एनएचआरसी के अलावा राज्यों में 23 राज्य मानवाधिकार आयोगों की स्थापना की गई है लेकिन वे जहां भी हैं उन्हें वित्तीय, मानव श्रम एवं अन्य वजहों से काम करने में परेशानी आ रही है। उन्होंने कहा कि इसलिए केंद्र और राज्य सरकार इन आयोगों को आवश्यक संसाधन मुहैया कराएं ताकि वे प्रभावी तरीके से काम कर सकें। इस प्रकार पूरे देश में मानवाधिकार ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा। वह मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि राज्य मानवाधिकार आयोगों को मजबूत करने के लिए एनएचआरसी ने कई पहल किए हैं जिसमें एसएचआरसी के गठन के लिए राज्य सरकारों को पत्र लिखना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आम आदमी द्वारा आयोग के प्रति दर्शाए गए विश्वास और मानवाधिकार के प्रति बढ़ती जागरूकता से शिकायतों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि 1993-94 में शिकायतों की संख्या 496 से बढ़कर वर्ष 2011-12 में 95174 हो गई है जिसमें से 94942 मामलों में कार्रवाई हुई है। बालकृष्णन ने कहा कि अभी तक आयोग करीब 11 लाख मामलों पर निर्णय करने की स्थिति में था। अंतरिम राहत देते हुए आयोग ने 592 मामलों में कुल 15.59 करोड़ रुपये भुगतान की अनुशंसा की।
 

 
 
 
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