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प्रदर्शन में इस्तेमाल नहीं हुआ विदेशी धन: केंद्र
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:05-12-12 11:05 PMLast Updated:06-12-12 01:36 AM
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केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे समाजसेवी अन्ना हजारे की टीम से जुड़े कुछ गैर-सरकारी संगठनों ने विदेशी धन प्राप्त किए थे जिनका इस्तेमाल अनियमित तौर पर तो किया गया लेकिन इसकी आपराधिक जांच की जरूरत नहीं है।
 
मुख्य न्यायाधीश डी मुरूगेशन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की पीठ में दायर अपने हलफनामे में गृह मंत्रालय ने कहा कि किरण बेदी की ओर से संचालित एनजीओ नवज्योति इंडिया फाउंडेशन और इंडिया विजन फाउंडेशन एवं मनीष सिसौदिया की ओर से संचालित एनजीओ कबीर को विदेशों से धन मिले थे लेकिन इनका इस्तेमाल न तो किसी राजनीतिक गतिविधि और न ही इंडिया अगेंस्ट करप्शन की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन में किया गया।

हलफनामे में सरकार ने कहा कि विदेशी योगदान विनियमन कानून (एफसीआरए) और एफसीआर नियमों के तहत अगस्त और नवंबर 2012 में निरीक्षण किए गए और कुछ अनियमितताएं पाई गईं।

केंद्र की ओर से कहा गया कि ये अनियमितताएं गंभीर किस्म की नहीं हैं, लिहाजा अभी इनकी आपराधिक जांच कराना जरूरी नहीं। निरीक्षण के दौरान संगठन के दस्तावेजों में कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं मिले जिससे यह साबित हो कि विदेशों से मिले धन का इस्तेमाल किसी राजनीतिक गतिविधि या इंडिया अगेंस्ट करप्शन की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन में किया गया।

पेशे से वकील मनोहर लाल शर्मा की ओर से दायर की गई याचिका पर उच्च न्यायालय सुनवाई कर रहा था। शर्मा ने याचिका में मांग की थी कि सरकार की अनुमति के बगैर विदेशी संगठनों से धन प्राप्त करने और इनके इस्तेमाल से लोकपाल विधेयक की मांग संबंधी आंदोलन संचालित करने के आरोप में टीम अन्ना के सदस्यों के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए जाएं।

 
 
 
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