शनिवार, 31 जनवरी, 2015 | 01:32 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
फतुहा में बिजली की तार की चपेट में ट्रॉली आई, दो की मौतअमिता को पीजीआई लखनऊ भेजा गया था महिला के खून का नमूना, जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टिबरेली में स्वाइन फ्लू से पहली मौत की पुष्टि, राममूर्ति मेडिकल कालेज में हुई थी 24 जनवरी को सीबीगंज की अमिता उपाध्याय की मौतपाकिस्तान के शिकारपुर में ब्लास्ट, 20 लोगों की मौतयूपी: लखीमपुर खीरी के मैगलंगज में युवक की हत्या, ट्रैक्टर ट्रॉली पर फेंक दिया शव, गला दबाकर हत्या का आरोपबरेली : इंडियन वैटेनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) और सेंट्रल एवियन रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएआरआई) में रेबीज का कहर, आवारा कुत्तों के काटने से कई वैज्ञानिक रेबीज की चपेट में, मारे गए कुत्तों के पोस्टमार्टम में रेबीज की पुष्टि
लोकायुक्त पर कोर्ट के फैसले पर अमल करेंगे: गुजरात सरकार
गांधीनगर, एजेंसी First Published:02-01-13 04:22 PMLast Updated:02-01-13 08:37 PM
Image Loading

गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल की ओर से न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आऱ ए़ मेहता को राज्य का लोकायुक्त नियुक्त करने के फैसले को बुधवार को उच्चतम न्यायालय की ओर से सही ठहराए जाने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने कहा है कि वह शीर्ष न्यायालय के फैसले को जल्द ही अमल में लाएगी।

राज्य के कानून मंत्री भुपिंदर सिंह चुड़ासमा ने कहा कि हम लोकायुक्त पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को जल्द ही लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने गुजरात सरकार की इस दलील को माना है कि राज्यपाल को मंत्रीपरिषद की सलाह के मुताबिक काम करना है।

चुड़ासमा ने कहा कि फैसला पढ़ने के बाद ही इस मुद्दे पर विस्तत प्रतिक्रिया दी जा सकती है।
गुजरात सरकार को करारा झटका देते हुए उच्चतम न्यायालय ने आज यह कहते हुए राज्य के लोकायुक्त पद पर मेहता की नियुक्ति को बरकरार रखा कि गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से विचार-विमर्श कर यह फैसला किया गया था।

शीर्ष न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि राज्यपाल मंत्रीपरिषद की सलाह के मुताबिक काम करने के लिए बाध्य है, लेकिन इस मामले में नियुक्ति को गलत नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि यह फैसला गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से विचार-विमर्श कर किया गया था।

 
 
 
टिप्पणियाँ
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड