रविवार, 26 अक्टूबर, 2014 | 03:37 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    राजनाथ सोमवार को मुंबई में कर सकते हैं शिवसेना से वार्ता नरेंद्र मोदी ने सफाई और स्वच्छता पर दिया जोर मुंबई में मोदी से उद्धव के मिलने का कार्यक्रम नहीं था: शिवसेना  कांग्रेस ने विवादित लेख पर भाजपा की आलोचना की केन्द्र ने 80 हजार करोड़ की रक्षा परियोजनाओं को दी मंजूरी  कांग्रेस नेता शशि थरूर शामिल हुए स्वच्छता अभियान में हेलमेट के बगैर स्कूटर चला कर विवाद में आए गडकरी  नस्ली घटनाओं पर राज्यों को सलाह देगा गृह मंत्रालय: रिजिजू अश्विका कपूर को फिल्मों के लिए ग्रीन ऑस्कर अवार्ड जम्मू-कश्मीर और झारखंड में पांच चरणों में मतदान की घोषणा
कभी कमल को केशुभाई व मोदी ने मिलकर खिलाया था
गांधीनगर, एजेंसी First Published:20-12-12 03:26 PMLast Updated:20-12-12 08:43 PM
Image Loading

लगातार तीसरी बार जीत का परचम लहराकर नरेंद्र मोदी ने बेशक गुजरात के सबसे कद्दावर नेता के रूप में खुद को स्थापित किया है, लेकिन एक दौर था जब केशुभाई पटेल और शंकर सिंह बाघेला के साथ मिलकर इस त्रिमूर्ति ने राज्य में भाजपा की नीव रखी थी और पार्टी संगठन को एक मजबूत आधार दिया था।
 
केशुभाई पटेल राज्य के गुजरात में भाजपा के प्रथम मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन अब वह इस पार्टी में नहीं है। कभी राज्य भाजपा की त्रिमूर्ति में से एक पटेल ने अब 84 साल की उम्र में अपनी नई पार्टी गुजरात परितर्वन पार्टी बना ली है। इस त्रिमूर्ति के दो अन्य नेताओं में मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और शंकर सिंह वाघेला शामिल हैं। इन्ही तीन नेताओं ने गुजरात में भाजपा की नीव रखी थी।

कालेज के दिनों में मोदी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ [आरएसएस] के सक्रिय कार्यकर्ता थे। गुजरात में भाजपा की नींव डालने में मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शंकरसिंह बाघेला और केशुभाई पटेल के साथ-साथ मोदी ने भी राज्य में भाजपा को गांव-गांव तक पहुंचाया। वाघेला और मोदी एक दूसरे के पूरक माने जाते थे। वाघेला एक जननेता के रूप में जाने जाते थे, जबकि मोदी पर्दे के पीछे संगठन का काम करते थे। किन्तु पटेल की तरह वाघेला भी अब भाजपा में नहीं है।

पटेल को पार्टी ने 2001 में मुख्यमंत्री पद से हटाया था। वह आज मोदी के कट्टर विरोधी है। पिछले 10 वर्ष तक मौन रहे पटेल ने इस बार चुनाव से पूर्व अपना नया दल बनाकर 182 विधानसभा सीटों में से 175 में अपने प्रत्याशी खडे़ किए। वह राज्य की प्रभावशाली पटेल जाति के नेता है। पटेल ने स्वयं इस बार बिसाबदर विधानसभा सीट से चुनाव लडा़।
 
 
 
टिप्पणियाँ