शनिवार, 01 नवम्बर, 2014 | 09:29 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    केंद्र सरकार के सचिवों से आज चाय पर चर्चा करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा आज से शुरू करेगी विशेष सदस्यता अभियान आयोग कर सकता है देह व्यापार को कानूनी बनाने की सिफारिश भाजपा की अपनी पहली सरकार के समारोह में दर्शक रही शिवसेना बेटी ने फडणवीस से कहा, ऑल द बेस्ट बाबा झारखंड में हेमंत सरकार से समर्थन वापसी की तैयारी में कांग्रेस अब एटीएम से महीने में पांच लेन-देन के बाद लगेगा शुल्क  पेट्रोल 2.41 रुपये, डीजल 2.25 रुपये सस्ता फड़णवीस को मोदी ने चढ़ाईं सत्ता की सीढ़ियां  फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, उद्धव भी पहुंचे
दुनिया की आबादी से ज्यादा हो जाएंगे मोबाइल नम्बर
जेनेवा, एजेंसी First Published:11-12-12 07:00 PM
Image Loading

मोबाइल फोन सेवा के विस्तार की मौजूदा गति के मुताबिक वर्ष 2014 तक दुनिया की आबादी से अधिक सेल फोन नम्बर हो जाएंगे। यह बात इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस युनियन (आईटीयू) ने एक नई रिपोर्ट में कही। आईटीयू के ‘मेजरिंग द इनफोर्मेशन सोसायटी 2012’ के मुताबिक अभी ही 100 से अधिक ऐसे देश हैं, जहां आबादी से अधिक मोबाइल फोन नम्बरों की संख्या हो चुकी है।

आईटीयू के मुताबिक मोबाइल फोन नम्बर की मौजूदा संख्या छह अरब 2014 तक बढ़कर 7.3 अरब हो जाएगी, जबकि जनसंख्या सात अरब रहेगी। चीन एक अरब से अधिक मोबाइल फोन नम्बरों वाला पहला देश बन चुका है। जल्द ही भारत भी इस सूची में शामिल हो जाएगा।

रूस में मोबाइल फोन नम्बरों की संख्या 25 करोड़ है और यह आबादी की तुलना में 1.8 गुणा है। ब्राजील में सेल फोन नम्बरों की संख्या 24 करोड़ पहुंच चुकी है और यह देश की आबादी का 1.2 गुणा है। छह अरब सेल फोन नम्बरों में से 1.1 अरब मोबाइल-ब्रॉडबैंड हैं, जो फिक्स्ड-ब्रॉडबैंड की तुलना में दोगुणा है।

अध्ययन में चीन को स्मार्ट फोन का प्रमुख बाजार बताया गया। दुनिया में एक चौथाई इंटरनेट उपयोगकर्ता चीन में रहते हैं। अध्ययन में हालांकि कहा गया कि दुनिया की दो-तिहाई आबादी अब भी इंटरनेट का उपयोग नहीं करती है।

 
 
 
टिप्पणियाँ