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कांस्टेबल की मौत मामले में अपराध शाखा, मेट्रो को नोटिस
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:27-12-12 06:49 PM
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यहां की एक अदालत ने कांस्टेबल की मौत के दो आरोपियों की याचिकाओं पर गुरुवार को दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो को नया नोटिस जारी कर 23 दिसम्बर को दो मेट्रो स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे में दर्ज फुटेज संरक्षित करने का निर्देश दिया।

अदालत ने 23 वर्षीया युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के खिलाफ इंडिया गेट पर हिंसक प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार दो भाइयों कैलाश जोशी और अमित जोशी की याचिकाओं पर बुधवार को दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) से जवाब मांगा था।

जांच अधिकारी ने जब अदालत को बताया कि जांच अपराध शाखा को सौंपी गई है, इसलिए डीएमआरसी को नोटिस नहीं दिया जा सका है तब महानगर दंडाधिकारी अम्बिका सिंह ने गुरुवार को नोटस जारी कर 28 दिसम्बर तक जवाब मांगा।

अदालत ने कहा, ''अपराध शाखा के जांच अधिकारी और डीएमआरसी को नोटिस जारी कर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है।''

आरोपियों की ओर से पेश वकील सोमनाथ भारती ने अदालत से कहा, ''डीएमआरसी को नोटिस जारी करने में ढिलाई बरतने के लिए जांच अधिकारी को फटकार लगाई जानी चाहिए।''

दोनों आरोपियों ने अदालत से कहा है कि 23 दिसम्बर को इंडिया गेट पर हुई घटना के समय वे मेट्रो में सवार थे और रिठाला तथा राजीव चौक स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि वे उसे सबूत के तौर पर पेश कर सकें।

26 दिसम्बर को दिल्ली मेट्रो और पुलिस से गुरुवार तक जवाब दाखिल करने को कहा गया था।

भारती ने अदालत से कहा, ''मेरा एक अनुरोध है कि इस पर गौर किया जाए कि जब घटना हुई, उस वक्त दोनों आरोपी मेट्रो में सफर कर रहे थे। मेट्रो स्टेशनों के फुटेज को संरक्षित करना होगा, क्योंकि वह महत्वपूर्ण सबूत है।''

47 वर्षीय कांस्टेबल सुभाष चंद तोमर 23 दिसम्बर को प्रदर्शन के दौरान घायल हो गए थे और 23 दिसम्बर को उनकी मौत हो गई थी। इस प्रदर्शन में भाग लेने के आरोपियों के तौर पर इन दोनों भाइयों के अलावा नफीस, शंकर बिष्ट, नंद कुमार, शांतनु कुमार, अभिषेक और चमन कुमार के नाम लिए गए थे।

उल्लेखनीय है कि अदालत ने 24 दिसम्बर को सभी आरोपियों को जमानत दे दी थी। लेकिन तोमर की मौत के बाद इन सभी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई।

 
 
 
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