शनिवार, 01 नवम्बर, 2014 | 12:19 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    आम आदमी की उम्मीदों को पूरा करे सरकार: शिवसेना वर्जिन का अंतरिक्ष यान दुर्घटनाग्रस्त, पायलट की मौत केंद्र सरकार के सचिवों से आज चाय पर चर्चा करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा आज से शुरू करेगी विशेष सदस्यता अभियान आयोग कर सकता है देह व्यापार को कानूनी बनाने की सिफारिश भाजपा की अपनी पहली सरकार के समारोह में दर्शक रही शिवसेना बेटी ने फडणवीस से कहा, ऑल द बेस्ट बाबा झारखंड में हेमंत सरकार से समर्थन वापसी की तैयारी में कांग्रेस अब एटीएम से महीने में पांच लेन-देन के बाद लगेगा शुल्क  पेट्रोल 2.41 रुपये, डीजल 2.25 रुपये सस्ता
कावेरी जल वार्ता विफल, कर्नाटक का पानी देने से इंकार
बेंगलुरू, एजेंसी First Published:29-11-12 08:04 PM
Image Loading

तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी जल विवाद के मुद्दे के मैत्रीपूर्ण समाधान के लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच गुरुवार को हुई बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई। कर्नाटक ने इस मामले में तमिलनाडु के लिए और अधिक पानी छोड़ने से इंकार कर दिया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता बीच गुरुवार को इस मसले पर करीब एक घंटे बैठक हुई लेकिन नतीजा नहीं निकल सका।

जयललिता ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ''कर्नाटक सरकार ने कावेरी नदी से और अधिक जल देने से इंकार कर दिया। मैंने मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार से 15 दिन तक 32टीएमसी एफटी (थाउजंड मीलियन क्यूबिक फीट) जल देने का आग्रह किया था जिससे किसानों को मदद मिल सके लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।''

वार्ता विफल होने से निराश जयललिता ने कहा कि उनके सरकारी अधिवक्ता वार्ता के नतीजे के बारे में सर्वोच्च न्यायालय को शुक्रवार को अवगत कराएंगे।

जयललिता ने कहा, ''हमलोग एक बार फिर सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह करेंगे कि खड़ी फसल को बचाने के लिए वह कर्नाटक को पानी देने का निर्देश दे।''

उधर शेट्टार ने कर्नाटक के लिए अतिरिक्त पानी का इंतजाम करने में असमर्थता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार तमिलनाडु की मांग पूरी नहीं कर सकता क्योंकि उसे खुद ही सूखा, कमजोर मानसून और कम बारिश की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

शेट्टार ने कहा, ''तमिलनाडु को जल देने से पहले हमें अपनी जरूरत देखनी है। चूंकि हमें अपने किसानों के लिए ही जल की आवश्यता है ऐसे में हम तमिलनाडु को और जल नहीं दे सकते।''  
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कावेरी जल के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच जारी विवाद को दूर करने के लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बैठक करने का निर्देश दिया था।

न्यायमूर्ति डी. के. जैन तथा मदन बी. लोकुर ने सोमवार को कहा था कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दोनों राज्यों के किसानों के हितों को शीर्ष प्राथमिकता देनी चाहिए।

न्यायालय अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को करेगा।

 
 
 
टिप्पणियाँ