गुरुवार, 23 अक्टूबर, 2014 | 12:10 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
येदियुरप्पा ने की अपनी पार्टी की औपचारिक शुरुआत
हावेरी, कर्नाटक, एजेंसी First Published:09-12-12 03:58 PMLast Updated:09-12-12 06:45 PM
Image Loading

कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने रविवार को औपचारिक रूप से अपनी पार्टी कर्नाटक जनता पार्टी का उद्घाटन किया। उन्होंने उत्तरी कर्नाटक में आयोजित विशाल रैली में बतौर अध्यक्ष इसकी कमान संभाल ली।

प्रदेश में भाजपा सरकार के लिए एक संभावित खतरे के संकेत के रूप में सत्तारूढ़ पार्टी के कम से कम दस विधायकों ने इस रैली में हिस्सेदारी की। हालांकि पार्टी ने विधायकों तथा अन्य नेताओं को इससे दूर रहने की चेतावनी दी थी।

उद्घाटन से पूर्व येदियुरप्पा ने चाय नाश्ते का आयोजन किया था, जिसमें कम से कम 21 भाजपा विधायकों, सात पार्षदों तथा चार लोकसभा सदस्यों ने हिस्सेदारी की। पार्टी की स्थापना से पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने कल सख्ती बरतते हुए सहकारिता मंत्री बी जे पुटटास्वामी को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया जो येदियुरप्पा के वफादार समझे जाते हैं। भाजपा ने उनके एक अन्य प्रमुख समर्थक और तुमकुर से सांसद जी बी बासवराज को पार्टी से बर्खास्त कर दिया। दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

रैली से पूर्व संवाददाताओं से बातचीत में येदियुरप्पा ने भाजपा नेतृत्व को विधानसभा भंग करने और जनता का सामना करने की चुनौती दी। येदियुरप्पा ने कहा कि भाजपा को यह समझना चाहिए कि शेट्टार सरकार उनके वफादारों के बल पर टिकी है।

येदियुरप्पा ने कहा कि यदि वे चाहते हैं कि यह सरकार चलती रहे जो कि केजेपी और भाजपा गठबंधन से अधिक कुछ नहीं है , तो उन्हें मेरे समर्थकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से बचना चाहिए।

येदियुरप्पा के समर्थकों के खिलाफ यह कार्रवाई कल की गयी । इससे एक दिन पूर्व 23 विधायकों तथा सात मंत्रियों ने उनके द्वारा बेलगाम में आयोजित सुबह के नाश्ते पर बैठक में हिस्सा लिया था जो कद्दावर लिंगायत नेता के प्रति उनकी एकजुटता को प्रदर्शित करता है।

गौरतलब है कि येदियुरप्पा ने 30 नवंबर को भाजपा से अपना 40 साल पुराना नाता तोड़ लिया था। भाजपा द्वारा विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने से पांच माह पुरानी शेटटार सरकार को अपने अस्तित्व के लिए गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि अगले मई में विधानसभा चुनाव होने हैं।

224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 118 सदस्य हैं और साधारण बहुमत के लिए उसे 113 के आंकड़े की इस गणित में कांग्रेस के 71 और जनता दल एस के 26 विधायक हैं। सदन में सात निर्दलीय तथा दो पद रिक्त हैं।
 
 
 
टिप्पणियाँ