शनिवार, 04 जुलाई, 2015 | 05:14 | IST
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उन्नत युद्धक विमानों के देशज निर्माण में सक्षम है HAL
मुंबई, एजेंसी First Published:25-12-12 12:26 PM

तकरीबन 2.2 अरब डॉलर मूल्य के 42 एसयू-30एमकेआई के लाइसेंसी निर्माण के लिए भारत और रूस के बीच समझौता देश में युद्धक विमानों के निर्माण के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की तैयारियों की दिशा में पहला कदम है।
     
एचएएल के पूर्व प्रबंध निदेशक (नासिक एवं कोरापुट डिविजन) प्रकाश वी देशमुख ने बताया कि ये 42 विमान उनकी कंपनी के नासिक प्लांट में बनेंगे और अगले चार-पांच साल में भारतीय वायुसेना को सुपुर्द किए जाएंगे।
      
कल भारत और रूस के बीच हुए करार पर एक सवाल के जवाब में देशमुख ने बताया कि यह प्रक्रिया कच्चे माल से आधुनिक विश्व-स्तरीय युद्धक विमान के देश में ही बनाने की भारत की क्षमता प्रदर्शित करेगी।
     
उन्होंने कहा कि पिछले साल एचएएल नासिक ने कच्चे माल से बने चार ऐसे चार विमान भारतीय वायुसेना को दिए। उन्होंने बताया कि देश में विमान के 28,000 कल-पुर्जे बनाए जाते हैं और उनमें से 11,000 निजी क्षेत्र से हासिल किए जाते हैं। इनमें फ्लाइट-क्रिटिकल असेंबली भी शामिल हैं।

 
 
 
 
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