मंगलवार, 30 जून, 2015 | 22:19 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    'मेंढक' को है आपकी दुआओं की जरूरत, कोमा में है आपका चहेता किरदार सुनंदा पुष्कर केस में शशि थरूर का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी में जुटी पुलिस शर्मनाक: सीरिया में आईएस ने दो महिलाओं का सिर कलम किया उपचुनाव में रिकॉर्ड डेढ लाख वोटों के अंतर से जीतीं जयलिलता, सभी विरोधी उम्मीदवारों की जमानत जब्त धौलपुर महल विवाद: कांग्रेस ने राजे के खिलाफ नए सबूत पेश किए, भाजपा बोली, छवि बिगाड़ने की साजिश ट्विटर पर जॉन ने खोली 'वेलकम बैक' की रिलीज़ डेट, आप भी जानिए बांग्लादेश में उड़ा टीम इंडिया का मजाक, इन क्रिकेटरों को दिखाया आधा गंजा गांगुली ने टीम इंडिया में हरभजन की वापसी का किया स्वागत रोहित समय के पाबंद हैं, उनके साथ काम करना मुश्किल: शाहरूख खान तेंदुलकर ने अजिंक्य रहाणे को दीं शुभकामनाएं
मालदीव पर सख्त हुआ भारत
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:05-12-12 09:13 PM
Image Loading

जीएमआर मामले से आश्चर्यचकित भारत ने मालदीव सरकार को संदेश दिया है कि अगर उसने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता तो उसका द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर असर होगा। भारत सरकार इस मामले में कुछ गंभीर विकाल्पों पर भी विचार कर रही है। इसमें मालदीव की सहायता के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रमों को धीमा करने का विकल्प भी शामिल है।

भारत स्वीकार करता है कि माले हवाईअड्डा के परिचालन का जीएमआर का ठेका निरस्त करने का मालदीव सरकार का निर्णय उसका घरेलू मामला है। लेकिन भारत इस बात से नाराज है कि इस मुद्दे को लेकर वहां भारत-विरोधी भावना भड़काई जा रही है। सूत्रों ने कहा कि हवाईअड्डे का ठेका निरस्त करने में कुछ बाहरी ताकतों की भूमिका की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वैसे इसमें चीन पर संदेह करने का कोई स्पष्ट आधार नहीं दिखता है। 

सूत्रों ने कहा कि अगर मालदीव की सरकार कानूनी विकल्प की उपेक्षा करती है और भारत-विरोधी माहौल बरकरार रहता है तो इसका द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर असर होगा। इस संदर्भ में, भारत कई विकल्पों पर विचार कर रहा है जिसमें सहायता कार्यक्रमों को धीमा करना शामिल है। इसका असर रक्षा सहयोग सहित कई क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा।

 

 
 
 
अन्य खबरें
 
 
 
 
 
 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड