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भारत ने किया ब्रह्मोस के उन्नत संस्करण का सफल परीक्षण
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:09-01-13 03:45 PM
भारत ने आज बंगाल की खाड़ी में विशाखापटनम के तट पर नौसेना के एक युद्धपोत से 290 किलोमीटर दूरी तक मारक क्षमता वाले ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के उच्च कौशल वाले संस्करण का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ए शिवथानु पिल्लई ने बताया कि सुबह सवा नौ बजे पहले से तैयार युद्ध जैसे माहौल में मिसाइल एस की आकृति में दोहरा कौशल दिखाते हुए पानी की सतह से सिर्फ एक मीटर उपर लक्ष्य बनाए गए जहाज से टकराया। इसकी रफ्तार और टकराते वक्त की उर्जा के कारण मिसाइल जहाज को चीर कर निकल गया।
गौरतलब है कि अक्टूबर में अरब सागर में आईएनएस तेग से सफल परीक्षण के बाद ब्रहमोस का यह 34वां सफल परीक्षण है।
ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को वर्ष 2005 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। ब्रह्मोस अमेरिकी जीपीएस के अलावा रूस की ग्लोनास उपग्रह प्रणाली से भी आंकड़े हासिल करने में सक्षम है, जो इसके प्रभाव को दोगुना करता है। अधिकारियों ने कहा कि आज एक बार फिर लक्ष्य को अचूक तरीके से भेदने की इसकी क्षमता साबित हुई है।
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने युद्धपोत के कमांडर, नौसेना और ब्रह्मोस दल को इस प्रदर्शन के लिए बधाई दी है।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ए शिवथानु पिल्लई ने बताया कि सुबह सवा नौ बजे पहले से तैयार युद्ध जैसे माहौल में मिसाइल एस की आकृति में दोहरा कौशल दिखाते हुए पानी की सतह से सिर्फ एक मीटर उपर लक्ष्य बनाए गए जहाज से टकराया। इसकी रफ्तार और टकराते वक्त की उर्जा के कारण मिसाइल जहाज को चीर कर निकल गया।
गौरतलब है कि अक्टूबर में अरब सागर में आईएनएस तेग से सफल परीक्षण के बाद ब्रहमोस का यह 34वां सफल परीक्षण है।
ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को वर्ष 2005 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। ब्रह्मोस अमेरिकी जीपीएस के अलावा रूस की ग्लोनास उपग्रह प्रणाली से भी आंकड़े हासिल करने में सक्षम है, जो इसके प्रभाव को दोगुना करता है। अधिकारियों ने कहा कि आज एक बार फिर लक्ष्य को अचूक तरीके से भेदने की इसकी क्षमता साबित हुई है।
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने युद्धपोत के कमांडर, नौसेना और ब्रह्मोस दल को इस प्रदर्शन के लिए बधाई दी है।
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