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सौराष्ट्र में मोदी को डूबा सकता है पानी का संकट
राजकोट, एजेंसी First Published:09-12-12 12:44 PMLast Updated:09-12-12 03:52 PM
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गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में पानी का संकट इस बार के विधानसभा चुनाव में मुख्य मुद्दा है, क्योंकि लोग इस समस्या को लेकर पिछले 10 साल से कुछ नहीं किए जाने से खासे नाराज हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस क्षेत्र में पानी के संकट का मुद्दा मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बड़ा संकट खड़ा करने वाला है?

सौराष्ट्र एक ऐसा क्षेत्र है, जहां कोई बारहमासी नदी नहीं है और यहां औसत बारिश भी होती है। इस कारण यह क्षेत्र सालों से जल संकट का सामना करना पड़ेगा।

राजकोट के जेतपुर कस्बे के निवासी सिंधभाई मवादिया है, सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे को हल करने को लेकर गंभीर नहीं है। क्षेत्र में पीने के पानी और सिंचाई के पानी का घोर संकट है।

सौराष्ट्र क्षेत्र के शहरों और गांवों में रहने वाले बहुत सारे लोगों का मानना है कि जल संकट के स्थायी समाधान को लेकर राज्य सरकार ने कुछ नहीं किया है। इस क्षेत्र में सात जिले राजकोट, जूनागढ़, भावनगर, पोरबंदर, जामनगर, अमरेली और सुरेंद्र नगर हैं। इनमें पानी की सीमित आपूर्ति हो पाती है।

 
 
 
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