शनिवार, 20 दिसम्बर, 2014 | 09:54 | IST
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जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर अजित कुमार साहू का कहना है कि मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोग वोट डालने आ रहे हैं। साहू ने कहा कि हमने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कहीं से भी हिंसा की कोई खबर नहीं है।राजौरी में मतदान करने के बाद एक वोटर ने कहा कि लोगों में मतदान को लेकर उत्साह है और सभी जगह शांतिपूर्ण तरीके से मतदान चल रहा है।शुक्रवार की रात नौशेरा में पीडीपी कार्यकर्ताओं के हमले में घायल भाजपा प्रत्याशी रविंद्र रैना को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।यूपी: अमरोहा के चौधरपुर गांव में युवक की गला घोंट कर हत्या, सुबह घर के बाहर मिला शव, पुलिस पूछताछ में जुटीदुमका के कुछ वोटरों से हिन्दुस्तान ने बातचीत कर जानना चाहा कि उनकी वोटिंग का आधार क्या है? 35 साल के सत्येंद्र सिंह का कहना है स्थायी सरकार मुद्दा है, तो 42 साल के जवाहर लाल का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में विकास है मुद्दा, वहींझारखंड: सुबह 9 बजे तक जामताड़ा-13, नाला-11, बोरियो-20, राजमहल-18, बरहेट-11, पाकुड़-16, लिट़टीपाड़ा-16, महेशपुर-18,दुमका-11, जामा-14, जरमुंडी-12, शिकारीपाड़ा-14, सारठ-14, पोड़ैयाहाट-11, गोड़डा-12, महगामा-10 प्रतिशत मतदान हुआझारखंड: पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा विस क्षेत्र में बूथ-134 में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर हुआ बहिष्कार, 9 बजे फिर शुरू हुआ मतदानझारखंड : बोरियो के बूथ नं 208 में एक घंटे में 124 वोट पड़ेझारखंड : जामताड़ा में सुबह से महिला मतदाताओं में गज़ब का उत्साहजम्मू कश्मीर में 20 सीटों के लिए मतदान शुरूझारखंड: दुमका के बूथ नम्बर 114 में सुबह से मतदाताओं में उत्साह नजर आ रहा हैझारखंड: सारठ के पालाजोरी ब्लॉक में बूथ नंबर 172 पर इवीएम खराब, 15 मिनट देर से शुरू हुआ मतदानझारखंड: दुमका के 114 नंबर बूथ पर सुबह से लगी महिला वोटरों की लंबी कतारझारखंड: जामताड़ा के बूथ नंबर 203 पर सुबह 7 बजे से ही वोटरों की लंबी कतार लगीझारखंड : दुमका के बूथ नम्बर 207 में पहला वोट पड़ा
नरेंद्र मोदी: चाय की स्टॉल से मुख्यमंत्री तक का सफर
अहमदाबाद, एजेंसी First Published:26-12-12 01:26 PMLast Updated:26-12-12 04:16 PM
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गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मजबूत करने और पांचवीं बार सत्ता दिलाने वाले नेता नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया इतिहास रचा।
 
टी स्टाल से राजनीति में प्रवेश करने वाले मोदी को राज्यपाल कमला बेनीवाल ने सरदार पटेल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में शपथ दिलाई।
 
विकास पुरुष के नाम से विख्यात मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में मेहसाणा जिले के चडनगर में हुआ था। पिछले 10 साल से राज्य के मुख्यमंत्री रहे मोदी ने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की। अपने प्रारंभिक काल में वह अपने पिता और भाई को चाय की स्टॉल चलाने में मदद करते थे।
 
कालेज के दिनों में मोदी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सक्रिय कार्यकर्ता थे। गुजरात में भाजपा की नींव डालने में मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शंकरसिंह बाघेला और केशुभाई पटेल के साथ-साथ मोदी ने भी राज्य में भाजपा को गांव गांव तक पहुंचाया। वाघेला और श्री मोदी एक दूसरे के पूरक माने जाते थे। वाघेला एक जननेता के रुप में जाने जाते थे, जबकि मोदी पर्दे के पीछे संगठन क काम करते थे।
 
1995 में जब भाजपा गुजरात में अपने बलबूते पर सत्ता में आई, तब वाघेला और मोदी के बीच टकराव हुआ। इस बीच मोदी ने पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं लालकृष्ण आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या रथयात्रा और मुरली मनोहर जोशी की कन्याकुमारी से कश्मीर की रथयात्रा का सफल संचालन करके अपना संगठनात्मक कौशल साबित कर दिया।
 
शीघ्र ही मोदी को राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। उन्हें पांच राज्यों का भार सौंपा गया। 1998 में उन्हें गुजरात और हिमाचल प्रदेश में पार्टी का चुनाव प्रचार का कार्य सौंपा गया, जो उन्होंने सफलतापूर्वक किया।
 
राज्य में विनाशकारी भूकंप और 2001 के उपचुनावों में भाजपा की हार के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल को पार्टी ने पदच्युत किया और राज्य की बागडौर मोदी को सौंप दी। मोदी उन कुछ मुख्यमंत्रियों में से हैं, जो चुनाव लड़े बिना मुख्यमंत्री बने।
 
गोधराकांड और उसके बाद की हिंसा से गुजरात और मोदी की छवि पर दाग लगा। परन्तु उसके बाद के चुनावों में भाजपा को 127 सीटों के साथ भारी बहुमत मिला वर्ष 2007 में उन्होंने फिर पार्टी को विजई बनाया।
 
परन्तु उनके प्रधानमंत्री बनने की राह में गोधरा दंगे मुख्य अडचन के रुप में खड़े हैं। हालांकि उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल टीम ने उन्हें गोधराकाण्ड में निर्दोष करार दिया है। परन्तु उनके खिलाफ दंगा पीडितों को न्याय नहीं दिलाने का आरोप तो है ही।
 

 
 
 
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