मंगलवार, 25 नवम्बर, 2014 | 03:03 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    श्रीनिवासन आईपीएल टीम मालिक और बीसीसीआई अध्यक्ष एकसाथ कैसे: सुप्रीम कोर्ट  झारखंड और जम्मू-कश्मीर में पहले चरण की वोटिंग आज पार्टियों ने वोटरों को लुभाने के लिए किया रेडियो का इस्तेमाल सांसद बनने के बाद छोड़ दिया अभिनय : ईरानी  सरकार और संसद में बैठे लोग मिलकर देश आगे बढाएं :मोदी ग्लोबल वॉर्मिंग से गरीबी की लड़ाई पड़ सकती है कमजोर: विश्व बैंक सोयूज अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना  वरिष्ठ नेता मुरली देवड़ा का निधन, मोदी ने जताया शोक  छह साल बाद पाक के पास होंगे 200 एटमी हथियार अलग विदर्भ के लिए गडकरी ने कांग्रेस से समर्थन मांगा
स्वास्थ्य मंत्री का बयान, सिंगापुर में पीड़िता की हालत स्थिर
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:27-12-12 12:52 PMLast Updated:27-12-12 02:57 PM

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की हालत सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में स्थिर है। पीड़िता को बुधवार देर रात इलाज के लिए सिंगापुर भेज दिया गया था।

आजाद ने गुरुवार को कहा कि लड़की सुबह 5.30 बजे सिंगापुर पहुंची है। एक घंटे बाद मुझे जो रिपोर्ट मिली है उसके अनुसार पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है और उसकी हालत स्थिर है।

अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे सिंगापुर भेजने का फैसला किया गया है। पीड़ित युवती के साथ उसके परिजन भी थे।

अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया कि मरीज अत्यंत चिंताजनक हालत में माउंट एलिजाबेथ अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में सुबह 9.05 बजे भर्ती हुई। युवती की जांच की जा रही है और अस्पताल भारतीय उच्चायोग के सम्पर्क में है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार युवती डॉ. यतिन गुप्ता के नेतृत्व में भारतीय चिकित्सकों के दल एवं परिजनों के साथ सुबह दो बजे सिंगापुर पहुंची।

16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म के बाद दरिंदगी की शिकार युवती को इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल से सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। यह अस्पताल अंग प्रत्यारोपण के लिए प्रसिद्ध है।

भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा कि लड़की को अस्पताल में पूरी चिकित्सीय देखभाल मिल रही है। बयान में कहा गया, हम सभी चिंतित लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि मरीज की पूरी चिकित्सीय देखभाल की जा रही है और उच्चायोग उसके परिवार को भी हर संभव मदद दे रहा है।
   
उच्चायोग ने साथ ही मरीज और उसके परिवार की निजता का सम्मान करने का अनुरोध किया। बयान के अनुसार, बहुत सारे लोग मरीज की हालत के बारे में पूछताछ कर रहे हैं और कई लोगों ने मदद की भी पेशकश की है। हम मदद की पेशकश करने वाले लोगों के तहे दिल से शुक्रगुजार हैं।
   
इस समय हम मरीज, उसके परिवार के सदस्यों और साथ ही मौजूद चिकित्सा दल की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करेंगे, ताकि इलाज आसानी से जारी रहे।

 
 
 
टिप्पणियाँ