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पीड़िता को सिंगापुर ले जाने का बचाव किया त्रेहन ने
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:04-01-13 06:39 PM
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जाने-माने ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ नरेश त्रेहन ने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई 23 वर्षीय छात्रा को सिंगापुर भेजे जाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह फैसला उचित था। उन्होंने कहा कि केवल लड़की की हालत स्थिर करने के लिए ऐसा किया गया और तत्काल किसी आंत प्रतिरोपण के लिए यह फैसला नहीं किया गया।

मेदांता मेडिसिटी के प्रबंध निदेशक त्रेहन ने भी उस हवाई एंबुलेंस में आईसीयू लगाने में सहयोग दिया था, जिसमें लड़की को सिंगापुर ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कॅरियर में कभी इस तरह की जघन्यता नहीं देखी।

त्रेहन ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने लड़की का हरसंभव श्रेष्ठ तरीके से इलाज किया। लड़की की आंत निकालनी पड़ी और सभी प्रार्थना कर रहे थे कि एक दिन वह आंत प्रतिरोपण की स्थिति में होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जिस हालात में वह थी उसमें फिलहाल प्रतिरोपण की स्थिति नहीं थी। त्रेहन ने कहा कि डॉक्टर हरसंभव श्रेष्ठ इलाज कर रहे थे। उसके बाद उन्होंने दीर्घकालिक प्रतिरोपण के केंद्रों के बारे में सोचा। अगर कोई पूछता है कि क्या विमान में ले जाते समय लड़की जीवित थी तो जवाब है हां।

सफदरजंग अस्पताल में लड़की की जांच करने वाले त्रेहन ने कई बार कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध को दुर्लभ से दुर्लभतम से दुर्लभतम कहा जाना चाहिए और सरकार समेत सभी का ध्यान इसी चीज पर था कि दुनिया में कहीं भी लड़की का बेहतर से बेहतर इलाज हो सके।

 
 
 
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